पार्टी टूटने के बाद सहनी पहली बार मीडिया के सामने आए हैं। गुरुवार को उन्होंने प्रेस कांफ्रेस करते हुए बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं सन ऑफ मल्लाह हूं मैं उनका बेटा हूं मैं उनके अधिकार के लिए लड़ाई लड़ता रहूंगा। मेरी कोई गलती नहीं है, अपने समाज के लिए आरक्षण मांगा है। सभी जगह आरक्षण मिला है। बिहार में नहीं मिला। मैं किसी के सामने नहीं झुकेगा
उन्होंने अपने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि ₹30 प्रतिदिन मजदूरी की है। रात में मुंबई की सड़कों पर फुटपाथ पर सोया हूं। मेरे लगातार विकास करने से लोगों को समस्या हो रही थी। नित्यानंद राय, मंगल पांडे को सब कुछ पता था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। जो विधायक छोड़कर गए हैं उनको शुभकामनाएं और भाजपा को भी बधाई देता हूं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक् संजय जायसवाल ने बहुत झूठ बोला है, जो डीलिंग हुई थी। वह मेरे अमित शाह जी के बीच हुई थी। संजय जयसवाल कमरे के बाहर भी नहीं खड़े थे।
सीएम के भी विधायकों तोड़ा गया था
सीएम नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एकाधिकार है किस को मंत्रिमंडल में रखना है, किसको नहीं रखना है। यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह सामान्य है। हर पिछड़ा के साथ ऐसा ही किया जाता है। अरुणाचल प्रदेश में नीतीश कुमार के साथ भी बीजेपी ने ऐसा ही किया था। उनके छह विधायकों को तोड़ लिया था। 2020 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार में शामिल हुए तो लोगों को यह पच नहीं पाया। मुझे पता था कि यह सब एक दिन होगा।

बोचहा पर क्या बोले सहनी
वहीं, बोचहा विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां वीआईपी का अधिकार है। जब तक शरीर मे सांस रहेगी तब तक झुकूंगा नही। बोचहा में पूरी ताकत लगाकर जीतेंगे। कुछ लोग चाहते हैं कि मैं कहूं उठो तो उठे और बैठने को कहे तो बैठे। ऐसा नहीं हो सकता। दूसरे की पार्टी के विधायकों को छीनकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है भाजपा। उस पार्टी को नैतिकता के आधार पर मेरे से इस्तीफा मानने का अधिकार नहीं है।
तीनों विधायकों ने छोड़ा साथ
मुकेश सहनी की पार्टी के तीनों विधायकों ने पाला बदल लिया है। मुकेश सहनी की पार्टी के बिहार में तीन विधायक हैं। तीनों विधायकों ने पत्र लिख कर कहा है कि सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी से अपना नाता तोड़ रहे हैं। वीआईपी के पास सिर्फ तीन विधायक हैं।

दल-बदल कानून के तहत किसी पार्टी के दो-तिहाई विधायक पाला बदल सकते हैं। लेकिन मुकेश सहनी की पार्टी के तो सारे विधायकों ने एक साथ पाला बदल लिया है। तीनों विधायक ने वीआईपी विधायक दल का बीजेपी में विलय कर दिया है। इधर, विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने उनके बीजेपी में विलय की मंजूरी दे दी है।



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