हैदराबाद के भोईगुड़ा स्थित कबाड़ गोदाम में आग लगने से बिहार के 11 मजदूरों की द’र्दनाक मौ’त हो गई. छपरा जिले के रहने वाले 11 मजदूर जिंदा जल गये, जिससे उनकी द’र्दनाक मौ’त हो गई. ये सभी मजदूर बिहार के छपरा के आजमपुरा गांव के रहने वाले थे और हैदराबाद में कबाड़ गोदाम में काम करते थे. इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं. पीएम नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के सीएम केसी राव के बाद अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख जताया है. साथ ही सीएम नीतीश ने मुआवजे का भी ऐलान किया है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हैदराबाद अग्निकांड में मारे गये बिहार के मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया है.उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया है. सीएम नीतीश कुमार ने हादसे में बिहार के मजदूरों की मौत पर दुख जताया है. कहा कि इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. साथ ही सीएम ने परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने स्थानिक आयुक्त, नई दिल्ली को निर्देश दिया है कि तेलंगाना सरकार से आवश्यक समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीर को बिहार लाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें. वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताया है. और मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया है. साथ ही घायलों की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद अग्निकांड में मारे गये मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. साथ ही ये ऐलान किया है कि मृ#तक के परिजन को पीएमएनआरएफ की (PMNRF) ओर से दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. वहीं तेलंगाना के सीएम केसी राव ने भी आग में जलने से बिहार के श्रमिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की और मुख्य सचिव को घटना में मारे गए श्रमिकों के शवों को वापस लाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.
कबाड़ गोदाम में आग लगने से जलकर मरने वाले बिहार के सभी 11 मजदूरों का शव को बाहर निकाल लिया गया है. सभी मृतकों के शवों को अस्पताल में ले जाया गया है, जहां पर शवों का पोस्टमार्टम कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मौके पर पहुंची पुलिस और फायर कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है. हादसे में मरने वाले सभी 11 मजदूर बिहार के छपरा के रहने वाले थे. ये सभी छपरा के आजमपुरा गांव के रहने वाले थे. 1.5 साल पहले ही हैदराबाद में काम करने गए थे. मृतकों की पहचान सिकंदर (40 साल), बिट्टू कुमार (23 साल), दुर्गा राम (35 साल), गोलू (28 साल), दीपक (26 साल), सतेन्द्र (38 साल), दामोदर (27 साल), चिंटू (27 साल), राकेश (25 साल), पंकज (26 साल) और दिनेश (35 साल) के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक कबाड़ गोदाम की पहली मंजिल पर 12 मजदूर सो रहे थे. अचानक भूतल पर आग लग गई. दरअसल मजदूरों के बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता भूतल में कबाड़ की दुकान के माध्यम से था जिसका शटर बंद था. जिसकी वजह से उन्हें भागने का मौका नहीं मिल पाया और 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. 11 लोगों के शव को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक मजदूर जो भागने में सफल रहा, उसे अस्पताल भेजा गया है.



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