होली के अवसर पर पटना के केशरीनगर स्थित विजय राघव मंदिर में कृष्ण के रुप लड्डू-गोपाल का खूबसूरत श्रृंगार किया गया और उनको भोग लगाया गया। भगवान शिव को पंचमेवा, लड्डू और महजूम (भांग) का भोग लगाया गया। यह भांग, खोआ के साथ तैयार किया जाता है।
कोरोना से आई हताशा-निराशा को होली समारोह ने काफी कम किया
इस अवसर पर विजय राघव मंदिर में शनिवार को देर रात तक केशरी नगर के लोगों ने फाग गाया। मंदिर के व्यवस्थापक पंडित संजय तिवारी ने बताया कि कोरोना की वजह से यह आयोजन नहीं हो पा रहा था। इस बार कोरोना का असर काफी कम है, इसलिए लोगों ने मन बनाया कि होली परंपरागत ढ़ंग से मनाई जाए।
कोरोना में जहां लोग एक दूसरे को छूने से भी डरते थे, इस बार की होली में लोगों ने एक दूसरे को रंग लगाया और गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। कोरोना से आई हताशा और निराशा को इस बार की होली ने काफी कम किया और लोगों में पुराना उल्लास जागा।
होली के पारंपरिक लोकगीतों के साथ जोगिरा का भी आनंद
मंदिर परिसर में दीपू म्यूजिकल ग्रुप और संजू सिंहानिया ने कई लोकगीतों का गायन किया। …होली खेले रघुवीरा बिरज में होली खेले रघुवीरा, हरिहरनाथ बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में खेले होली…. आदि पारंपरिक गीतों के साथ ही जोगिरा का गायन भी किया गया।
केशरीनगर के दर्जनों लोगों, महिलाओं और बच्चों ने इस आयोजन में भाग लिया और देर रात तक गीतों पर झूमते- नाचते रहे। ढ़ोलक, झाल, के साथ गायन होता रहा।



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