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बैंक चोरों के टारगेट पर थे कई प्रतिष्ठान, मुजफ्फरपुर में वारदात को अंजाम देने की थी साजिश

मुजफ्फरपुर पुलिस और स्थानीय लोगों की सक्रियता से एक्सिस बैंक और मन्नापुरम गोल्ड लोन बैंक से चोरी की वारदात तो टल गई। लेकिन, अगर ये पकड़े नहीं जाते तो होली की छुटियों के दौरान ताबड़तोड़ वारदात करने की साजिश थी। इनके निशाने पर शहर के कई प्रतिष्ठान थे। जिसमें बैंक, आभूषण दुकान समेत अन्य था। उक्त बातों का खुलासा पुलिस पूछताछ में पकड़े गए शातिरों ने किया है। पकड़े गए शातिरों की पहचान पटना गुलजारबाग के उपेंद्र शर्मा, जट्टू महतो और छपरा का मदन महतो के रूप में हुई है।

प्रारंभिक पूछताछ में ये लोग नाम और पता बदल-बदलकर बता रहे थे। लेकिन, जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सही जानकारी दी। मौके से दो शातिर फरार हो गए थे। जिसमें एक कि पहचान पटना के शशिरंजन के रूप में हुई है। वहीं दूसरे फरार शातिर के बारे में तीनों को जानकारी नहीं है। कहा कि शशिरंजन इस गिरोह का मास्टरमाइंड है।

उसी के साथ वह चौथा व्यक्ति भी आया था। शशिरंजन ही कार से लेकर उन सभी को बैंक के पीछे फील्ड में उतारा था। फिर एक घन्टे में वापस आने की बात बोलकर चला गया था। जब भीड़ ने उनलोगों को पकड़ा तो चौथा व्यक्ति बचकर भाग निकला था। वे तीन भीड़ के हत्थे चढ़ गए थे।

ऑन स्पॉट बनाते मास्टर चाबी

मिठनपुरा थानेदार श्रीकांत प्रसाद सिन्हा ने बताया कि ये काफी शातिर हैं। इनके पास से 12 मास्टर चाबी, तीन गैस सिलेंडर, छेनी, हथौड़ी, खंती, लॉक तोड़ने का सामान, 7 पुड़िया स्मैक समेत अन्य सामान मिला है। इसके अलावा मास्टर चाबी बनाने की मशीन भी मिली है। ये ऑन स्पॉट भी पलभर में किसी भी लॉक का मास्टर चाबी तैयार करने में महारथ हैं। इनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो अबतक नहीं मिला है। लेकिन, पटना और छपरा पुलिस से संपर्क किया गया है।

गलत जानकारी देकर पुलिस को भटकाया

शातिरों ने शशिरंजन के बारे में पुलिस को गलत पता बताया। पुलिस इन तीनों को लेकर पटना में खाक छानती रही। लेकिन, उसका कोई सुराग नहीं मिला। थानेदार का कहना है ये इस तरह से बयान दे रहे थे कि समझना मुश्किल हो रहा था। जब पटना में कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस वहां से वापस लौटकर आ गयी। इन्हें जेल भेजा जा रहा है। शशिरंजन के बारे में पता लगाने के लिए रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ की जाएगी।

एक महीने से कर रहा था रेकी

गिरफ्तार उपेंद्र ने बताया कि बैंक में डाका डालने की पूरी साजिश शशिरंजन ने रची थी। एक महीने से वह बैंक के आसपास रेकी कर रहा था। घटना कब और कैसे अंजाम देना है। ये पूरी तैयारी कर प्लानिंग के बाद वह उनलोगों से मिला था। फिर अपनी प्लानिंग के बारे में बताया और घटना की रात उन्हें लेकर आया था। इन तीनों में से एक शातिर मुजफ्फरपुर शहर में ही एक गैरेज में काम करता है। पूछताछ में इनलोगों ने किसी और घटना में तो संलिप्तता नहीं स्वीकार की है। लेकिन, पुलिस का कहना है कि ये काफी शातिर हैं। टालमटोल जवाब दे रहे हैं। ये सभी पेशेवर अपराधी हैं। रिमांड पर लेकर पूछताछ होने पर पूरी सच्चाई सामने आएगी।

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