नई दिल्ली. दुनिया भर में पिछले दो साल से लगातार संकट का कारण बनी हुई कोरोना महामारी का अंत अब जल्द घोषित किया जा सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization-WHO) के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस बात पर चर्चा शुरू कर दी है कि कोविड-19 महामारी को कैसे और कब खत्म घोषित किया जाए. उनके बीच इस बात पर भी सोच-विचार हो रहा है कि कोरोनावायरस के उभरने के दो साल से अधिक समय बाद जब इसे आधिकारिक तौर पर खत्म घोषित किया जाएगा तो उसका पूरी दुनिया पर क्या असर होगा. जबकि कई देशों ने पहले से ही कोविड प्रोटोकॉल के कड़े नियमों में ढील देनी शुरू कर दी
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना महामारी के अंत की घोषणा तुरंत करने के बारे में फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है. जहां पूरी दुनिया के ज्यादातर देशों में नए मामलों में कमी आई है, हांगकांग में मृत्यु दर बढ़ी है और चीन में दो साल में पहली बार इस हफ्ते 1,000 से अधिक नए दैनिक मामले दर्ज किए गए हैं. इसलिए जेनेवा स्थित WHO में चर्चा इस बात पर हो रही है कि कौन से ऐसे संकेत होंगे, जो 30 जनवरी, 2020 को घोषित सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के अंत का संकेत देंगे. विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि इस तरह की घोषणा केवल एक प्रतीकात्मक संकेत से ज्यादा महत्व की होगी. WHO ने कहा कि ‘कोविड-19 पर अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम आपातकालीन समिति’ (The International Health Regulations Emergency Committee on Covid-19) कोरोना महामारी को खत्म घोषित करने के लिए जरूरी मानदंडों की जांच कर रही है.
कई देशों ने पहले से ही कोविड प्रोटोकॉल (covid protocol) के कड़े नियमों में ढील देनी शुरू कर दी है. फिर भी कई एशियाई देश में संक्रमण के बढ़ने की रिपोर्ट आ रही है. जबकि जर्मनी में हाल ही में कोरोना के मामले रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार पिछले एक सप्ताह में दुनिया में एक करोड़ से अधिक कोविड मामले सामने आए और 52,000 मौतें हुई हैं.
शोधकर्ताओं ने ये भी चेतावनी दी है कि भले ही कोविड-19 मामलों में गिरावट आई हो, फिर भी मलेरिया और टीबी जैसी अन्य बीमारियों की तरह ही इससे भी हर साल हजारों लोगों की मौत होने की आशंका है. साथ ही इसके नए और ज्यादा खतरनाक वैरिएंट्स के पनपने की आशंका भी खत्म नहीं हुई है. पहले भी डब्ल्यूएचओ दुनिया में फैलने वाली महामारियों के अंत की घोषणा करने में संकोच करता रहा है. ऐसे फैसले आपातकाल की घोषणा की तरह ही विशेषज्ञों की सलाह के बाद महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ही करेंगे. डब्ल्यूएचओ का ये भी कहना है कि वे केवल किसी महामारी के बारे में सलाह देते हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार वैसे भी अब कई देश केवल डब्ल्यूएचओ के निर्देशों पर ही निर्भर नहीं हैं.





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