पटना के महावीर मंदिर में अनोखा नजारा देखने को मिला। आरती के समय एक बंदर मंदिर पहुंचा और भगवान के सामने चुपचाप बैठ गया। बंदर ने न तो किसी को नुकसान पहुंचाया और न ही किसी प्रकार का उत्पात मचाया।
मंदिर में शनिवार दोपहर को आरती हो रही थी। श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ थी। इस बीच बाहर गेट से एक बंदर मंदिर में पहुंचा। देखते ही लोग उसे रास्ता देते गए और वह आगे बढ़ता गया। मंदिर के बाहर वह महावीर जी की मूर्ति के सामने बैठ गया। काफी देर तक वह वहीं बैठा रहा। उसे देख लोगों ने खूब जयकारे लगाए। थोड़ी ही देर में भक्तों की भीड़ लग गई और लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि महावीर मंदिर में बंदर का दर्शन सुखद अनुभूति है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि पहले ऐसा नहीं हुआ है।

मंदिर के अंदर बैठा बंदर।
पुजारियों का कहना है कि हनुमान जी के खास दिन मंदिर में बंदर का आना और शांति से बैठ जाना श्रद्धा बढ़ाने वाला है। हनुमान जी के दोनों विग्रहों के दर्शन करते हुए बंदर सीढ़ियों के सहारे दूसरे तल्ले पर जा पहुंचा। मंदिर परिसर में आधा घंटा से अधिक समय तक भक्तों ने हनुमान जी के ही अंश माने जाने वाले बन्दर की पूजा की। पुजारियों बताया कि श्रद्धालु जयकारों के साथ बंदर काे लड्डू भी खिलाए। उनका कहना है कि सनातन मान्यता के अनुसार रूद्रावतार भगवान हनुमान बन्दर के रूप में अवतरित हुए थे। इसलिए भारतीय संस्कृति व परंपरा में बन्दर को हनुमान जी के अंश के रूप में माना जाता है।



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