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बिहार में 336 करोड़ का गंगा रिसर्च सेंटर बनकर तैयार

बिहार के लोगों को जल्द ही गंगा रिसर्च सेंटर की सौगात मिलेगी। यह बनकर पूरी तरह से तैयार है। म्यूजियम के तौर पर इसे बनाने में 336 करोड़ का खर्च आया है। इसमें पटना के सभी घाटों की खूबसूरती और उनकी हिस्ट्री की जानकारी दी गई है। साथ ही गंगा नदी की गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक की यात्रा भी बताई गई है। अब जल्द ही इसका लोकापर्ण किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा रिसर्च सेंटर बनाया गया है। इसका दूसरा नाम गंगा म्यूजियम भी रखा गया है। पटना के कलेक्ट्रेट घाट पर इसे बनाया गया है। बिहार में केंद्र सरकार ने नमामि गंगा योजना में 1050 करोड़ रुपए दिए थे। इसमें से 336 करोड़ रुपए इस रिसर्च सेंटर को बनाने में खर्च किया गया है।

इस म्यूजियम के भीतर बिहार के सभी प्रमुख स्थलों की जानकारी दी गई है। यह म्यूजियम बाहर से देखने में जितना खूबसूरत है, उससे ज्यादा अंदर का दृश्य लोगों को लुभाने वाला है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास लिमिटेड की ओर से इसे बनाया गया है।

दीवार पर लगाई गई आकर्षक तस्वीर।

दीवार पर लगाई गई आकर्षक तस्वीर।

पटना के सभी घाटों का डमी मॉडल
पटना गंगा के किनारे होने के कारण घाट के लिए काफी मशहूर है। म्यूजियम के भीतर एक बड़ी फ्रेम में गंगा के निकलने से लेकर गंगासागर तक मिलने की यात्रा को दिखाया गया है। इसी फ्रेम के भीतर पटना एनआईटी घाट, कदम घाट समेत पटना के सभी घाटों का डमी मॉडल बनाया गया है। यहां हर घाट को काफी खूबसूरत तरीके से दर्शाया गया है। डमी मॉडल से लोग पटना के हर घाट का नजारा ले सकते हैं।

म्यूजियम के अंदर बनाई गई है बड़ी लाइब्रेरी।

म्यूजियम के अंदर बनाई गई है बड़ी लाइब्रेरी।

म्यूजियम के भीतर लाइब्रेरी की सुविधा
म्यूजियम के भीतर लाइब्रेरी भी बनाई गई है। यहां लोग बैठ कर पढ़ सकते हैं। लाइब्रेरी के भीतर हर तरह की किताबें रखी जाएगी। म्यूजियम के भीतर एमपीथिएटर बनाया गया है। यहां पर्यटक ऑडियो विजुअल मोड में गंगा से जुड़ी सारी जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा म्यूजियम के चारों ओर ग्लास लगा है, जिससे गंगा नदी के आस-पास का नजारा भी दिखता है।

ऑडियो और वीडियो भी देख सकेंगे पर्यटक।

ऑडियो और वीडियो भी देख सकेंगे पर्यटक।

डॉल्फिन है आकर्षण का केंद्र
गंगा नदी में डॉल्फिन की संख्या ज्यादा होने की वजह से डॉल्फिन को राष्ट्रीय जल जीव घोषित किया गया है। इसके प्रस्ताव को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया था। गंगा म्यूजियम के भीतर डॉल्फिन का मॉडल बनाया गया है, जो लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाला है। लाइब्रेरी की दीवार को भी डॉल्फिन की तरह बनाया गया है। इस म्यूजियम में घूमने के लिए लोगों को टिकट कटवाना होगा। लेकिन, टिकट की कितनी कीमत होगी। इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

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