पिछले दस दिनों में गेहूं की कीमत प्रति क्विंटल 1900 से बढ़ कर 2200 रुपए क्विंटल तक पहुंच गई है। हालांकि, सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में किसानाें के गेहूं अभी से 2 हजार से 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल ही बिक रहे हैं। इस बार कटाई शुरू हाेने से पहले ही सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक कीमत पर गेहूं बिकने पर जिले के किसानों में खुशी की लहर है। खेताें में गेहूं की लहलहाती फसल देखकर तथा अभी से एमएसपी से अधिक कीमत मिलने से किसानाें काे अन्य वर्ष की अपेक्षा अधिक कीमत मिलने की उम्मीद जग गई है।
अबतक खास कर कटाई के समय गेहूं की कीमत में कमी आती थी। वहीं, अप्रैल के पहले सप्ताह से खेतों से घर तक गेहूं पहुंचने के बाद किसानाें काे हर साल सरकारी कीमत से काफी कम रेट पर अपना गेहूं बेचना पड़ता था। लेकिन, इस बार स्थिति अलग हाेने के साथ ही गेहूं की फसल भी खेताें में लहलहा रही है। किसान भूषण सतीश कुमार द्विवेदी ने बताया कि पिछले दिनों अत्यधिक ठंड पड़ने से मौसम गेहूं के अनुकूल हो गया है। जिससे अन्य वर्षाें की अपेक्षा इस बार गेहूं की बंपर पैदावार हाेने का अनुमान है। 8 साल में गेहूं का एमएसपी डेढ़ गुना बढ़ गया है।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा गेहूं का एमएसपी 40 रुपए क्विंटल बढ़ा दिया है। पिछले वर्ष सरकार ने गेहूं का एमएसपी 1975 रुपए क्विंटल निर्धारित किया था। अबतक किसानाें से गेहूं खरीद के लिए सरकार से गाइडलाइन नहीं मिली है। गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित तिथि से सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीद शुरू हाेगी। -वीरेन्द्र शर्मा, जिला सहकारिता अधिकारी




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