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पटना में मुंह के रास्ते पेट की स’र्जरी! 80 साल की महिला के पित्त की नली में फंसी थी 2 सेंटीमीटर की 2 पथरी

पटना में डॉक्टरों ने एक 80 साल की महिला के मुंह के रास्ते पेट की बड़ी सर्जरी की है। शुगर ब्लड प्रेशर और पीलिया से पीड़ित महिला की हालत बेहद नाजुक थी। ओपन सर्जरी में जान जाने का खतरा था और जान बचाने के लिए पित्त की नली में फंसी 2 सेंटीमीटर की 2 पथरी को निकालना भी जरूरी था। ऐसे में डॉक्टरों ने 4 घंटे की मशक्कत के बाद मरीज के मुंह के रास्ते पेट का ऑपरेशन किया। जिससे मरीज की जान बची। ऑपरेशन करने वाली टीम का कहना है कि मरीज की हालत काफी खराब थी, ऑपरेशन भी काफी जोखिम उठाकर किया गया है।

दो सर्जरी फेल होने के बाद बढ़ा खतरा
दरअसल, पटना की एक 80 साल की महिला को शुगर ब्लड प्रेशर के साथ पीलिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। दिन-प्रतिदिन उनकी हालत खराब होती जा रही थी। पेट में दर्द और उल्टी के साथ भूख भी नहीं लगती थी। इससे वह काफी कमजोर होती जा रही थीं। कई अस्पतालों में इलाज चला, लेकिन डॉक्टर बीमारी नहीं पकड़ पा रहे थे। बाद में 6 माह पहले किसी तरह से जांच पड़ताल में बीमारी पकड़ में आई।

महिला के पित्त की नली में दो बड़े साइज के पत्थर फंसे हुए थे। बीमारी पकड़े में आने के बाद पटना में ही अलग-अलग अस्पतालों में महिला का दो बार ऑपरेशन किया गया, लेकिन दोनों बार ही ऑपरेशन फेल हो गया। महिला की हालत और बिगड़ गई।

तीसरे ऑपरेशन में था बड़ा खतरा
पटना कंकड़बाग स्थिति मेडिमैक्स हॉस्पिटल के गैस्ट्रो सर्जन डॉ संजीव कुमार का कहना है जब मरीज उनके पास आई तो उसकी हालत काफी खराब थी। दो ऑपरेशन के फेल होने से महिला की स्थिति और गंभीर हो गई थी। महिला का ऑपरेशन करना भी खतरनाक था और नहीं करने से जान बचा पाना भी मुश्किल था। ऐसे में डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई जिसमें आधा दर्जन एक्सपर्ट को रखा गया। इसमें बेहोशी से लेकर हर फील्ड के एक्सपर्ट को शामिल किया गया। डॉक्टरों की टीम ने निर्णय लिया कि मुंह के रास्ते ऑपरेशन कर महिला के पेट में पित्त की नली से दोनों पथरी को निकाला जाएगा।

डॉ. संजीव का कहना है कि महिला को बेहोश करने से लेकर ऑक्सीजन में भी परेशानी थी, लेकिन एक्सपर्ट ने नाक के रास्ते बेहोशी के लिए इंजेक्ट किया और ऑक्सीजन की पाइप भी मुंह में लगाने की बजाए नाक में लगाकर ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया।

4 घंटे तक चला ऑपरेशन, अब ठीक हो गई महिला
सर्जरी की पूरी टीम को लीड करने वाले डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि लगभग 4 घंटे तक ऑपरेशन चला जिसमें महिला के पेट से दो सेंटीमीटर की दो पथरी को निकली गई। डॉक्टर का कहना है कि ERCP तकनीक से महिला की सर्जरी की गई है। डॉक्टर ने बताया कि CBD एक नली है जो लीवर से संबंधित होती है। इस नली के रास्ते में जब भी रुकावट होती है तो मरीज की हालत खराब हो जाती है।

डॉक्टर का कहना है कि मुंह के रास्ते लगभग 100 सेमी पेट में जाकर ऑपरेशन करना पड़ा है, यह काफी रिस्की होता है। ऑपरेशन करने वाले एक्सपर्ट न हों तो यह सफल भी नहीं होता है। महिला की ओपन सर्जरी में खतरा होने के कारण इसी विधि से ऑपरेशन किया गया। पैनक्रिएटोग्राफी विधि से ऑपरेशन कर महिला को बचाया गया है। अब वह पूरी तरह से ठीक हैं। डायवर्टिकुला के कारण ही महिला को परेशानी थी और दो-दो ऑपरेशन फेल हो गए थे। अब वह पूरी तरह से ठीक है। डॉ संजीव ने अपनी पूरी टीम को बधाई दी है।

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