निर्भया के दो’षियों की फां’सी पर रोक के खि’लाफ केंद्र सरकार की या’चिका बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने खा’रिज कर दी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चारों दो’षियों के खि’लाफ अलग-अलग डे’थ वारं’ट नहीं जारी किया जा सकता है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने सभी 4 दो’षियों को एक हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे सभी कानूनी उ’पायों का इस्तेमाल कर सकें। एक हफ्ते बाद डेथ वारंट के क्रियान्वयन के लिए उनके खि’लाफ का’र्रवाई शुरू कर दी जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ जल्द फैसला देने की मांग को लेकर निर्भया के परिजनों ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में आवेदन दाखिल किया, इस पर भी बुधवार को सु’नवाई हो सकती है।
- निर्भया के चारों दो’षियों (अक्षय सिंह, मुकेश सिंह, विनय कुमार शर्मा और पवन कुमार गुप्ता) को निचली अदालत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी फां’सी की स’जा सुना चुका है।
- गौरतलब है कि 17 जनवरी को निचली अ’दालत ने दो’षी मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार के खि’लाफ एक फरवरी के लिए दूसरी बार डे’थ वा’रंट जारी किया था।
- दो’षियों की याचिका पर 31 जनवरी को डे’थ वारं’ट पर अगले आदेश तक रो#क ल’गा दी गई थी। डे’थ वा’रंट पर रोक लगाने के फैसले को गृह मंत्रलय ने हाई कोर्ट में चु’नौती दी थी।
- 2 फरवरी को याचिका पर सुन’वाई के दौ’रान केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दोषी कानून का दु’रुपयोग कर रहे हैं।
- वहीं, दो’षी मुकेश की तरफ से पेश हुई वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा कि गृह मंत्रालय को याचिका दा’खिल करने का अधिकार ही नहीं है क्योंकि वह मा’मले में पक्षकार नहीं है। उन्होंने द’लील दी थी कि सभी दो’षियों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक फां’सी की का’र्रवाई न की जाए और सभी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की अनु”मति दी जाए।

संसद में भी फां’सी में देरी का मुद्दा
दिल्ली विधानसभा चुनावों में म”चे घ”मासान की गूंज मंगलवार को संसद में भी सु’नने को मिली। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह ने नि’र्भया के दो’षियों की फां’सी में देरी का मु’द्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को घे’रने की कोशिश की और दो”षियों को त”त्काल फां”सी देने की मांग की।इस पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने पलटवार किया और कहा कि फांसी में देरी के लिए राज्य सरकार जि”म्मेदार है। जेल प्रशासन उसके अ’धीन है जिसने इस मा’मले को लट’का रखा है। राज्यसभा में मंगलवार को जब यह मुद्दा उठाया गया था, उसी समय सभापति वेंकैया नायडू ने साफ किया कि इसे वि’वाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। यह बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा है। देश भर के लोगों ने इसे लेकर आं’दोलन किया है। फांसी में किसकी वजह से देरी हुई, इसके कारणों में वह नहीं जाना चाहते है, लेकिन जो भी इससे संबंधित लोग हैं, उन्हें अपने दायित्व को सही समय पर नि’भाना बहुत जरूरी है।राज्यसभा में जब यह मुद्दा उठाया गया, तो सदन के ज्यादातर स’दस्यों ने दो’षियों को जल्द से जल्द फां”सी दिए जाने की मांग का स’मर्थन किया। खास बात यह है कि निर्भया के दो’षियों की अब तक दो बार फां”सी की तारीखें टा”ली जा चुकी हैं। अंतिम बार इन्हें एक फरवरी” को फां’सी की स’जा दी जानी थी, लेकिन बाद में इस तारीख को टा’ल दिया गया।
दिसंबर 2012 में चलती हुई बस में किया था दु’ष्कर्म
16 दिसंबर 2012 को वसंत विहार इला’के में चलती बस में युवती के साथ सामूहिक दु”ष्कर्म किया गया था। इस मा’मले में निचली अ’दालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चारों दो’षियों की स’जा को बर’करार रखा था। जबकि एक आ’रोपित ने जे’ल के अंदर खुदक’शी कर ली थी।




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