पटना की आकांक्षा के मेडी रोबोट को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित मेगा एक्सपो में खूब सराहना मिली है। मेडी रोबोट को देश के टॉप साइंटिस्ट ने देखा। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि इसे मल्टी लैंग्वेज करें, ताकि देश के किसी भी हिस्से में इसका इस्तेमाल किया जा सके। चिकित्सा क्षेत्र में यह रोबोट काफी काम का है। डीआरडीओ, आईसीएमआर और हेल्थ मिनिस्ट्री ने इस रोबोट के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से भी कई सुझाव दिए। विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसकी सराहना करते हुए इसे आगे ले जाने की बात कही है।
आरा के MSME एक्सपो में भी मेडी रोबोट दिखाएंगी आकांक्षा
आकांक्षा ने बातचीत में कहा कि वह रोबोट को लगातार मॉडिफाई कर रही हैं। इसका इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा कैसे हो और यह मार्केट में कैसे जाए, इसके लिए काम कर रही हूं। AICTE के वाइस चेयरमैन डॉ. पुनिया सहित कई सरकारी एजेंसिंयों ने इसे फंडिंग कर स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

मेगा एक्सपो का आयोजन 22 से 28 फरवरी तक केंद्र सरकार के संस्कृति व विज्ञान प्रसार मंत्रालय ने किया था। यहां AICTE (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) के स्टॉल पर आकांक्षा ने अपना मेडी रोबोट प्रेजेंट किया।
वह कहती हैं कि मैंने अपनी स्टार्टअप कंपनी बना ली है और अब इसके जरिए मिनिस्ट्री की मदद से आम लोगों तक बड़े पैमाने पर मेडी रोबोट को पहुंचाऊंगी। बिहार के आरा में 4 मार्च से MSME का एक्सपो लग रहा है। इस रोबोट को विशेष स्टॉल प्रदान किया गया है। आयोजन का उद्घाटन बिहार सरकार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन करेंगे। मुझे बिहार सरकार से भी काफी उम्मीदे हैं।

आकांक्षा के स्टॉल पर मौजूद लोग।
रोबोट में अब QR कोड की भी सुविधा
आकांक्षा ने बातचीत में कहा कि अब इसमें QR कोड फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई है। मेडिसिन डिस्पेंसर की सुविधा भी जोड़ी गई है। प्रीस्क्रिप्शन के जरिए जो दवा डॉक्टर सजेस्ट करेंगे, उसे यह रोबोट मरीजों को उपलब्ध करा देगा। यह टेलीमेडिसिन के एरिया में काफी अच्छा होगा।
कोरोना में इलाज के लिए बनाया था रोबोट
असल में आकांक्षा ने इस रोबोट को कोविड महामारी के मद्देनजर बनाया था कि डॉक्टर मरीज के पास गए बिना सही इलाज कर सकें। उन्होंने इसे तब तैयार किया था, जब बड़ी संख्या में डॉक्टर कोविड की चपेट में आकर मौत के शिकार हो रहे थे। यह किसी भी पेशेंट के बेसिक पैरामीटर जैसे ईसीजी, ब्ल्ड शूगर, पल्स, ब्ल्ड प्रेशर, टेम्परेचर, वजन और वायरलेस स्टेथोस्कोप के जरिए किसी पेशेंट के हर्ट और लंग्स की स्थिति की भी जांच करता है। फिर दूर बैठे डॉक्टर को इतनी सारी जांच की रिपोर्ट रीयल टाइम पर पहुंचा देता है। इसमें इमरजेंसी के लिए ऑक्सीजन और न्यूमोलाइजेशन की भी व्यवस्था है।



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