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शॉकिंग, कोरोना ने कान को किया कमजोर, संक्रमित होने के बाद कई लोगों की सुनने की क्षमता हुई कम

कोरोना वायरस ने शरीर के हर अंग पर कोई न कोई प्रभाव डाला है। कान पर भी कोरोना का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। सुनने की क्षमता में कमी आने के साथ सनसनाहट और दर्द की समस्या लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। पोस्ट कोविड में अस्पतालों में कान की समस्या वाले मरीजों की संख्या में अचानक से लगभग 20% की बढ़ोत्तरी हुई है। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के ENT विभाग में मरीजों की ओपीडी हर दिन 100 के पार हो गई है। कोरोना के बाद तरह तरह की समस्या लेकर लोग आ रहे हैं। अब सरकार राज्य के 12 जिलों में विशेष अभियान चलाने जा रही है।

इसलिए कान पर पड़ा असर
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के नाक, कान, गला विभाग के एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना के कारण शरीर में कई तरह के इफेक्ट देखे गए हैं। दूसरी लहर में ब्लैक फंगस से लेकर अन्य गई गंभीर मामले सामने आए। कोरोना वायरस नाक, कान और गले के साथ आंखों पर सबसे पहले असर डाला। हालांकि दवाओं से ऐसे मामले ठीक हो जा रहे हैं। IGIMS के ENT विभाग के HOD डॉ राकेश सिंह बताते हैं कि खान-पान और एक्सरसाइज से ही ऐसे मामलों से निपटा जा सकता है।

12 जिलों में सरकार का अभियान
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बताते हैं कि बहरापन को रोकने के लिए खुद को जागरूक रखना बेहद आवश्यक है। कान शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, इसके प्रति लोगों को सचेत रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 3 मार्च को विश्व श्रवण दिवस पर जागरुकता अभियान चलाने जा रहा है। राज्य के 12 जिलों में अभियान चलाया जाएगा। पोस्टर, बैनर और माइकिंग कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में आकर ऐसे मरीज से जांच करवाने की अपील की जाएगी जिन्हें कान से जुड़ी समस्या है।

यह बताया जाएगा कि हमें तेज ध्वनि से कैसे कानों को सुरक्षित रखना है। अगर आपके कान में दर्द या संक्रमण के कोई लक्षण है तो जांच कराने के लिए जागरुक किया जाएगा। सुनने के लिए किन-किन उपकरणों का प्रयोग करें इसकी जानकारी भी दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने कान की समस्या को लेकर लोगों को जागरुक करने और जांच को लेकर तैयारी की है। मुख्य कारणों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा, उनमें कान की मैल और निरंतर मवाद का बहाव, कान के अंदरुनी भाग में सूखा घाव, अनुवांशिक बहरापन, कान के नजदीक अचानक तेज ध्वनि जैसे लक्षण हो सकते हैं। लोगों को जागरूक कर सलाह दी जाएगी कि वो अपने नजदीकी अस्पताल में जानकारी लें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य के 12 जिलों बांका, बक्सर, गया, गोपालगंज, जमुई, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, रोहतास, पश्चिमी चंपारण एवं वैशाली में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बहरा कर सकता है कोरोना, अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा
कोरोना वायरस इंसान को संक्रमित करने के बाद उन्हें बहरा भी बना सकता है। नई रिसर्च में सामने आया कि है कि यह वायरस कान के भीतरी हिस्से को भी संक्रमित कर सकता है। कोविड से संक्रमित 10 मरीजों में कान से जुड़ी दिक्कतों को देखी गईं। यह दावा अमेरिका के मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने किया है।

रिसर्च में का दावा किया गया है कि कोरोना कान की ऐसी कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है जो इंसान को सुनने और शरीर का बैलेंस बनाने का काम करती हैं

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