यूक्रेन में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार के ऑपरेशन गंगा से अभी तक 83 बच्चे सुरक्षित बिहार लौट चुके हैं। अभी भी करीब 350 से ज्यादा बच्चों के वहां फंसे हुए होने की सूचना है। राज्य सरकार की ओर से बनाए गए कंट्रोल रूम के जरिए अभी तक 350 बच्चे आइडेंटिफाइ किए गए हैं।
इसमें सबसे ज्यादा बिहार के मोतिहारी के बच्चे हैं। केवल इस जिले से 64 बच्चों के वहां फंसे होने की सूचना है। इसके अलावा पटना के 38 , कटिहार के 19, पुर्णिया के 17 और सीतामढ़ी के 15 बच्चों वहां आइडेंटिफाइ किए गए हैं।
अभिभावकों की चिंता- बच्चे सुरक्षित तो हैं न
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन से अभिभावक लगातार अपने बच्चों से संबंधित जानकारियां ले रहे हैं। यहां के कर्मचारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा कॉल अभिभावकों के आ रहे हैं। सभी अभिभावक यही जानना चाहते हैं कि सरकार बच्चों को वापस लाने के लिए क्या कर रही है? बच्चे कैसे आ रहे हैं? कब तक आ जाएंगे?
कीव में फंसे हैं सबसे ज्यादा बच्चे
बिहार से यूक्रेन जाने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे मेडिकल की पढ़ाई करने वहां गए हैं। ये मुख्य रूप से दो-तीन शहरों में सबसे ज्यादा बच्चे हैं। ये शहर यूक्रेन की राजधानी कीव और खार्कीव है। सभी बच्चों को ट्रेस करने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

इन हेल्पलाइन नंबरों पर अभिभावक कर सकते हैं संपर्क
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, पटना
हेल्पलाइन नंबर- 0612- 2294204
06121070 (टॉल फ्री नंबर)
+ 917070290170
ईमेल- seoc-dmd-bihar@bihar.gov.in
बिहार भवन, नई दिल्ली
011-23010147
+ 917217788114
ईमेल- rcbihar@yahoo.in
rescm-bi@nic.in
विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली
1800118797(टॉल फ्री नंबर)
+911123012113
+ 911123014104
+ 911123017905
+ 911123088124
situationroom@mea.gov.in



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