सफाईकर्मियों की ह”ड़ताल के चलते राजधानी की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। सोमवार को शहर से कूड़ा उठाव नहीं हुआ। सड़कों पर कू”ड़ा बि’खरा रहा। लोगों को परे’शानी और ब”दबू का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने मंगल’वार को भी हड़”ताल जारी रखने का एलान किया है। साथ ही सेवा नियमित करने की मांग नहीं माने जाने पर सड़क पर उतरने की भी चे’तावनी दी है। ह’ड़ताल के पहले दिन आंदो’लनकारियों ने निगम मुख्या’लय पर जोरदार प्रदर्शन किया। वहां म’रे हुए जा’नवर टां’ग दिए। डाकबंगला और बेली रोड पर कई जगह कू’ड़ा बि’खेर दिया। 11 बजे से ही सभी छह अंचलों के सफाईकर्मी मौर्या टावर स्थित निगम मुख्यालय के समक्ष जुटने लगे। एक घंटे में ही सारा परिसर मजदूरों से भर गया।

र्वे नगर आयुक्त और नगर विकास विभाग के ‘खि’लाफ नारे लगाने लगे। ये अपने साथ म’रे हुए जानवर भी साथ लाए थे। मजदूरों ने नगर आयुक्त और निगम पदाधिकारियों को चे’तावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे अधिकारियों के घरों के सामने भी कू’ड़ा डाल देंगे। हड़’ताल के चलते निगम के सफाई वाहन जहां के तहां पड़े रहे। सभी छह अंचल कार्यालयों में भी कार्य ‘ठ’प रहा। शहर के करीब 4500 दैनिक सफाईकर्मी अनि’श्चितकालीन हड़’ताल में शामिल हैं। निगम के सभी कर्मचारी यूनियनों को इस ह’ड़ताल का सम’र्थन प्राप्त है। इनमें नगर निगम स्टाफ यूनियन, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ, कर्मचारी समन्वय समिति आदि शामिल हैं।कर्मियों के आक्रोश के डर से निगम के अधिकारी कार्यालयों में दुबके रहे। कई कार्यालय ही नहीं आए। नगर आयुक्त अमित पांडेय कार्यालय नहीं आए जबकि अपर नगर आयुक्त शीला इरानी और देवेंद्र तिवारी अपना कक्ष छोड़ सी ब्लॉक के चौथे तल्ले पर मौजूद रहे। मेयर ने सोमवार शाम वार्ता का प्रयास किया। हालांकि सफाई कर्मी सेवा नियमित करने के लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हैं।

आदेश से कर्मी खफा
दैनिक सफाईकर्मी निगम प्रशासन और नगर विकास विभाग के उस आदेश से नाराज हैं, जिसमें 31 जनवरी तक दैनिक सफाईकर्मियों की सेवा नहीं लेने की बात कही गई थी। आदेश में दैनिक सफाईकर्मियों के बदले आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से शहर की सफाई करने की बात कही गई थी। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस आदेश से हजारों परिवारों पर आर्थिक संकट आ जाएगा।
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