रूस-यूक्रेन के कारण महंगाई भी अब बढ़ रही है। खासकर तीन से चार दिनों के अंदर रिफाइन तेलों के दामों में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ चटपटा खाने वालों को भी झटका लगा है। मसाला के दाम भी पिछले दस दिनों में काफी बढ़ गया है। सबसे अधिक रिफाइन तेलों के दाम में 15 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है। सरसों तेल का भाव स्थिर है। जो अभी 170-180 रुपये किलो बिक रहा है।
खुदरा व्यवसायी गौरव कुमार ने बताया कि पाम ऑयल के दाम 20 रुपये की तेजी आ गयी है। पॉम ऑयल 120 रुपये लीटर था जो बढ़कर अब 140 रुपये हो गया है। रिफाइन तेल के दाम में दस से 15 रुपये की तेजी आयी है। यह पहले 135-140 रुपये बिक रही थी। जो अब 150 रुपये किलो हो गया है।
मसाला व्यवसायी अजीत जैन ने बताया कि जीरा के दाम होलसेल में 80 रुपये किलो अधिक हो गया है। जो पहले 190-200 रुपये किलो था वो बढ़कर अब 270 रुपये हो गया है। धनिया 90 रुपये से बढ़कर 100-115 रुपये किलो, लाल मिर्च 150 रुपये से बढ़कर 190 से 200 रुपये किलो हो चुका है। उन्होंने बताया कि देश में फसल खराब होने के कारण दाम में वृद्धि हुई है।

बुनकर भी डरे, ड्रेस मेटेरियल का ऑर्डर हो सकता है रद्द
रूस-यूक्रेन में हो रही लड़ाई से भागलपुर के बुनकर सहमे हुए हैं। उन्हें ऑर्डर कैंसल होने का डर सता रहा है। सिल्क कारोबारी जियाउर रहमान ने बताया कि यहां से यूरोप में परदा, ड्रेस मेटेरियल आदि काफी मात्रा में जाता है। अभी बुनकरों के पास इसका ऑर्डर भी है। अगर रूस-यूक्रेन का मामला जल्द नहीं थमता है तो बुनकरों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।



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