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अब तक नहीं बन पाए 118 ऑक्सीजन प्लांट, शुक्र है दूसरी लहर की तरह नहीं हुए हालात

शुक्र है कोरोना की तीसरी लहर में हालात दूसरी लहर की तरह नहीं रहे, नहीं तो ऑक्सीजन के लिए फिर मारामारी होती। ऑक्सीजन के पुख्ता इंतजाम का दावा करने वाली राज्य सरकार अब तक 118 PSA प्लांट में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाई है। कोरोना की तीसरी लहर खत्म हुई तो सरकार की नींद खुली है और अब प्लांट में डीजी सेट लगाने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बहुत जल्द काम पूरा कर लिया जाएगा।

केंद्र सरकार के सहयोग से बनाए गए प्लांट

कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की समस्या को लेकर केंद्र सरकार ने पूरे देश में ऑक्सीजन की विशेष व्यवस्था को लेकर काम किया है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज से लेकर अन्य आवश्यक स्थानों पर PSA प्लांट की स्थापना की गई। इस प्लांट से निर्बाध रूप से बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई के लिए योजना तैयार की गई। सरकार का पूरा प्लान और इस प्लांट को लेकर यही फोकस था कि आने वाले दिनों में ऑक्सीजन को लेकर कोई समस्या नहीं होने पाए। इस दिशा में बिहार में भी 118 PSA प्लांट बनाए गए, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के बाद भी इन प्लांटों को बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था का कोई विकल्प नहीं है। किसी कारण से बिजली की सप्लाई ठप होती है तो ऑक्सीजन का उत्पादन भी पूरी तरह से ठप हो जाएगा।

जानिए, अब स्वास्थ्य मंत्री क्या कर रहे दावा

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का दावा है कि कोरोना की लहर भले ही अब नियंत्रण में है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आगे किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। इसी के तहत राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित 118 प्रेशर स्वींग ऐब्जॉर्ब्शन (PSA) ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांटों में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए शीघ्र साइलेंट डीजल जेनेरेटर सेट (डीजी सेट) लगाए जाएंगे। राज्य में कार्यरत प्रत्येक प्लांट में एक एक डीजी सेट लगाया जाएगा। इससे ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा में कोई बाधा नहीं होगी, मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा।

जिम्मेदार भी मानते हैं बिजली बड़ी बाधा

ऑक्सीजन आपूर्ति के क्रम में बिजली बाधित रहने या ट्रिपिंग की स्थिति में प्लांट में बड़ी बाधा उत्पन्न होती है, स्वास्थ्य विभाग भी इसे बड़ी परेशानी मानता है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह स्थिति मरीजों के लिए घातक हो सकती है। ऐसे में ही बिजली का विकल्प लगाया जा रहा है। डीजी सेट की सुविधा के बाद प्लांट के निर्बाध संचालन के लिए बगैर बाधा बिजली आपूर्ति की व्यवस्था होगी। कोविड के दौरान चिकित्सीय प्रबंधन में मेडिकल ऑक्सीजन की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी यदि जरूरत पड़ी तो राज्य में इसके जरिए कोविड से निपटने में मरीजों को सहायता पहुंचेगी। राज्य के अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हो इस ओर स्वास्थ्य विभाग संवेदनशील है। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि राज्य में पीएम केयर एवं स्टेट रिसोर्स के माध्यम से PSA प्लांट लगाया गया है। प्रत्येक प्लांट पर अब उपयुक्त क्षमता वाले डीजी सेट लगेंगे। इस दिशा में तकनीकी कार्य को ध्यान में रखते हुए जिलों के अंदर कार्यरत स्वास्थ्य केंद्रों को आदेश भेज दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि कोरोना की पहली लहर में ऑक्सीजन की कमी से लोगों को काफी परेशानी हुई थी, जिसे ध्यान में रखते हुए विभाग राज्य में ऑक्सीजन की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बरकरार रखने का निरंतर प्रयास कर रहा है।

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