पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा डिग्री प्रथम वर्ष डबल लीटरेचर की परीक्षा मंगलवार से शुरू हो गई। परीक्षा केंद्र पूर्णिया कॉलेज के विज्ञान भवन में रखा गया। जहां इस दौरान एक मां अपने नवजात शिशु के साथ परीक्षा देने आई थी। छात्रा का नाम यासमीन है और वह पूर्णिया शहर के चिमनी बाजार के रहने वाली है।
दरअसल, यासमीन जब परीक्षा देने आई तो उसके गोद में सात दिन का एक दुधमुंहा नवजात शिशु भी था। बता दें कि सात दिन पहले यासमीन को पुत्र लाभ हुआ था। यासमीन को सिजेरियन डिलीवरी से बच्चा हुआ। उसे पेट में अभी भी टांके लगे हुए है। फिर भी उसने अपनी दर्द की परवाह किए बगैर परीक्षा देने सेंटर पर पहुंच गई।

यासमीन जब परीक्षा देने आई तो उसके गोद में सात दिन का एक दुधमुंहा नवजात शिशु भी था।
यासमीन को उसके परिवार के तरफ से भी काफी सपोर्ट मिलता है। जब वह परीक्षा देने हॉल के अंदर चली गई तो नवजात को उनके एक परिजन ने संभाला। ऐसे में एक तरफ परीक्षा देना और दूसरी तरफ गोद में दुधमुंहा नवजात शिशु को संभालना काफी चुनौतीपूर्ण समय था। यासमीन के पेट में ऑपरेशन का दर्द भी हो रहा था। फिर भी उसने अपने लक्ष्य को पूरा करने में लगी हुई थी।
यासमीन ने बताया कि यह उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण समय है। ऑपरेशन का घाव अभी तक ठीक भी नहीं हुआ है। लेकिन वह आगे की पढाई रोकना नहीं चाहती। वह आत्मनिर्भर बनना चाहती है। साथ ही यासमीन ने बताया कि ससुराल के लोगों ने भी पढाई के लिए काफी साथ दिया है। यासमीन के इस हौसले की चर्चा जिले भर में हो रही।



Leave a Reply