बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) यानी बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर की परीक्षा दे रहे कई छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रोक सकते है। इसके लिए बोर्ड की ओर से बार-बार चेतावनी दी जा रही है। इस बाबत संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापक को भी लगातार कई बार सूचित किया जा चुका है। यह जरूरी है कि आप भी अपने स्कूल से कंफर्म हो लें कि कहीं आपका स्कूल भी इस कार्रवाई की जद में तो नहीं आ रहा है। मामला परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं करने को लेकर है। बिहार बोर्ड में परीक्षा शुल्क स्कूल के जरिए परीक्षा समिति तक पहुंचता है, लेकिन कई स्कूलों की ओर से शुल्क का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
बिहार बोर्ड ने शुरुआती दौर में ऐसे छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र ही नहीं जारी करने की चेतावनी दी थी। हालांकि बाद में ऐसे छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए उन्हें प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। इससे पहले इंटर परीक्षा के लिए भी ऐसा ही किया गया। बोर्ड द्वारा पंजीयन एवं परीक्षा शुल्क जमा नहीं करने वाले परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र पूर्व में रोका गया था। उन्हें पांच फरवरी तक शुल्क जमा करने का अवसर दिया गया था।
इसके बावजूद कई छात्रों ने शुल्क नहीं जमा किया है। इसके बावजूद बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र आगामी 16 फरवरी तक बोर्ड की वेबसाइट पर रहेगा। वहां से स्कूलों के प्राचार्य प्रवेश पत्र डाउनलोड कर हस्ताक्षर एवं मुहर के साथ परीक्षार्थियों को मुहैया कराएंगे।
फीस नहीं देने वालों का रुक सकता रिजल्ट
बोर्ड ने स्कूल के प्राचार्यों को चेतावनी दी है कि हर हाल में परीक्षार्थी का पंजीयन एवं परीक्षा शुल्क 16 फरवरी तक जमा कर दें नहीं तो शुल्क जमा नहीं करने वाले परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोका जा सकता है। इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे स्कूलों के प्राचार्य।



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