Breaking News

बिहार में लंबी पड़ी ठंड, इस बार गर्मी पड़ेगी कम

इस साल मई-जून में लाेगाें काे उतनी गर्मी नहीं झेलनी पड़ेगी, जितनी दोनों महीने में पड़नी चाहिए। क्योंकि, बीते 60 वर्ष में जब भी प्रदेश में लंबे समय तक अत्यधिक ठंड और शीतलहर रही, तब-तब मई में अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंचा, लेकिन जब भी जनवरी में कम ठंड पड़ी है, मई में अधिक गर्मी पड़ी है। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के साथ ही बारिश भी कम हुई है। वहीं, अधिक ठंड पड़ने पर मई में तापमान के बढ़ते ही बारिश हुई है तथा अधिकतम तापमान भी तेजी से कम हुआ है। इस कारण माना जा रहा है कि इस साल मई-जून में पड़ने वाली गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।

पूसा कृषि मौसम परामर्शी सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि अब तक जब भी जनवरी का महीना अधिक ठंडा रहा है तथा लंबे समय तक तापमान कम रहा है, मई में तापमान 40 डिग्री के आसपास तक ही पहुंचने के साथ ही गर्मी बढ़ते ही तेज हवा के साथ बारिश हुई है।

इस बार रबी और खरीफ फसलों की पैदावार अच्छी होगी

मौसम विभाग की मानें तो लंबे समय तक ठंड पड़ने पर गेहूं के साथ आम-लीची की पैदावार बेहतर होती है। मई में तापमान कम रहने से गेहूं का दाना बड़े आकार का होने के साथ ही पैदावार भी सामान्य से अधिक होती है। वहीं, बारिश होने से खेतों में नमी रहने से सिंचाई भी कम करनी पड़ती है। खरीफ सीजन में भी धान की बोआई समय से होने के साथ ही अधिक बारिश होने के कारण फसलों की पैदावार अधिक होती है।

2020-21 में रिकॉर्ड 282 MM हुई थी बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 1962 से जनवरी में अधिक ठंड पड़ने वाले वर्ष में ज्यादा बारिश हुई है। 1962 में जहां मई में 110 MM बारिश हुई थी, वहीं 2020-21 में सर्वाधिक 282 MM बारिश हुई। वर्ष 2018-19 में 145 मिमी, 2015-16 में 133 मिमी बारिश हुई है। इसके कारण इस वर्ष भी गर्मी के समय तेज हवा के साथ बारिश होने का अनुमान है। इस बार 4 जनवरी से लगातार अत्यधिक ठंड व शीतलहर चली है।

रात में अभी और गिरेगा पारा

करीब 10 किलोमीटर की रफ्तार से चली सर्द पछ़ुआ हवा ने ठंड बढ़ा दी है। शुक्रवार को पटना समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप खिली, लेकिन हवा चलने की वजह से ठंड का अहसास हुआ। शाम होते-होते फिर ठंड बढ़ गई। सर्द हवा चलने की वजह से न्यूनतम तापमान गिर गया। पूर्वानुमान में कहा गया है कि 15 फरवरी तक मौसम शुष्क रहेगा। यानी बारिश नहीं होगी। अगले दो दिनों तक सुबह में कहीं-कहीं कुहासा छाया रहेगा। अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरेगा। शुक्रवार को जीरादेई और गया सबसे सर्द रहे। दोनों स्थानों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। पटना का न्यूनतम तापमान करीब 2 डिग्री लुढ़क गया और 11.6 डिग्री दर्ज किया गया।

जमुई में धूप निकलने के बाद साफ होता मौसम।

जमुई में धूप निकलने के बाद साफ होता मौसम।

गया सबसे ठंड, बेगूसराय गर्म

मौसम में हुए बदलाव की वजह से शुक्रवार को गया का न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री गिरकर 10 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भागलपुर का न्यूनतम तापमान करीब 3 डिग्री गिरकर 13.6 डिग्री रहा। पूर्णिया का न्यूनतम तापमान करीब 2 डिग्री लुढ़ककर 13.1 डिग्री रहा। मुजफ्फरपुर का न्यूनतम तापमान भी करीब दो डिग्री गिरकर 13 डिग्री रहा। नालंदा का न्यूनतम तापमान 10.8, पूसा का 11.3, सहरसा का 11.3 और फारबिसगंज का 14 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार को फारबिसगंज का न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहा। पटना समेत पूरे बिहार में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। पटना का अधिकतम तापमान 23.2, गया का 22.7, भागलपुर का 23.2, पूर्णिया का 23 रहा। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान फारबिसगंज का 24.2 रहा, जबकि सबसे कम मोतिहारी का 21 डिग्री रहा।

वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री बेगूसराय में रिकॉर्ड किया गया। राज्य का औसत अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री के आसपास रहा। इस दौरान राज्य के अलग अलग स्थानों में हल्के स्तर का कोहरा व धुन्ध छाया रहा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.