बिहार के मुजफ्फरपुर की बिल्डिंग आजकल चर्चा में है। बिल्डिंग के तरफ से गुजरने वाले लोग बिना रुके और देखे आगे जा नहीं सकते हैं। एक बार जो इसे देख ले उसकी जुबान पर बस इसी बिल्डिंग का ही नाम है। यह इमारत शहर के गन्नीपुर इलाके में स्थित है। खास बात यह है कि यह बिल्डिंग 6 फीट चौड़ाई में बनी हुई है। इस 4 मंजिला मकान को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं।
कोई इसे मुजफ्फरपुर का एफिल टावर तो कोई इसे अजूबा घर कह रहा है। इस मकान का आगे का आधा हिस्सा सीढ़ियों से बना है। जबकि, दूसरे हिस्से में घर बना है। शादी के यादगार के तौर पर बनाए गए इस मकान के फिनिशिंग वर्क के बाद पिछले दो सालों से व्यवसायिक इस्तेमाल भी शुरू हो गया है।
दरअसल, संतोष ने अर्चना से शादी के ठीक बाद 6 फीट चौड़ी और 45 फीट लंबी जमीन खरीदी थी, लेकिन जमीन की चौड़ाई महज 6 फीट ही रहने के कारण कई सालों तक घर नहीं बनाया। लोगों ने जमीन बेचने की भी सलाह दी, लेकिन शादी की यादगार वाली इस जमीन पर दोनों ने मकान बनाने की ठान ली। फिर खुद मकान का नक्शा लेकर निगम के इंजीनियर के पास गए और नक्शा पास करवाया।

यह बिल्डिंग 6 फीट चौड़ाई में बनी हुई है।
3 साल में पूरा हुआ भवन निर्माण
2012 में नक्शा पास होने के बाद भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके बाद 2015 में यह भवन बनकर तैयार हुआ। मकान बनते ही लोग इसे मुजफ्फरपुर का एफिल टावर तो कई लोग अजूबा घर कहने लगे। बिल्कुल सपाट दिखने वाले इस मकान को देखने के लिए कलमबाग चौक से गन्नीपुर का रास्ते रामदयालु आने-जाने वाले लोग एक नजर देखने के लिए अवश्य रुक जाते हैं। लोग मकान की फोटो और वीडियो बनाते हैं। मकान मालिक और किरायेदार से लेकर अगल-बगल के लोगों से मकान के बारे में विस्तार से जानकारी मांगते हैं। कई लोग तो घर के अंदर से लेकर छत पर जाकर पूरे घर का मुआयना करने लग जाते हैं।
बिल्डिंग में कमरे से लेकर किचन तक है मौजूद
बताते चले कि इस बिल्डिंग में 4 मंजिल है। बताया जाता है कि ग्राउंड फ्लोर पर एक इंस्टिट्यूट है। घर के बाहर पार्किंग भी है। इसके अलावा, दो फ्लोर पर 1 कमरा, किचन, बाथरूम व गैलरी तक है। वही, चौथे मंजिल पर केवल एक ड्राइंग रूम व बाथरूम बनाया गया है, लेकिन इसका किचन सीढ़ी घर में एडजस्ट किया गया है। इसको देखने वाले भौचक रह जा रहे हैं।



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