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लता मंगेशकर का दूसरा प्यार था क्रिकेट, 1983 में हुए गौरवशाली क्रिकेट मैच की रही हैं गवाह

लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) गायिकी के अलावा क्रिकेट में भी खासी दिलचस्पी रखती थीं. सुरों की मल्लिका अपने खाली वक्त में या तो रियाज करती थीं या फिर अपना पसंदीदा मैच क्रिकेट देखना पसंद करती थीं. लता जी 1983 में लॉर्ड्स के मैदान हुए गौरवशाली वर्ल्ड क्रिकेट कप की जीत की गवाह भी रही. इससे आप समझ सकते हैं कि किस हद तक उन्हें क्रिकेट पसंद (Lata Mangeshkar and cricket love) हैं. इंडियन क्रिकेट टीम को हौसला दिया था और मैच के रोमांचक क्षणों में तनाव में भी आ गई थीं. आइए, बताते हैं बरसों पुरानी क्रिकेट और सुर की लव स्टोरी

लता मंगेशकर और ’83’ का आंखों देखा हाल
भारत की प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर ने खुद दर्शक दीर्घा में बैठकर तालियां बजाते हुए 1983 के उन रोमांचक पलों को जिया था. बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में लता ने बताया था कि ‘तनाव से भरा माहौल था, लेकिन जैसे-जैसे मैच का आखिरी दौर आने लगा मुझे भारत की जीत पर पूरा भरोसा हो गया था. हालांकि क्रिकेट में कुछ कहा नहीं जा सकता कि कब मैच पलट जाए’.

तनाव के बावजूद इंडियन टीम जीत के लिए आश्वस्त थी- लता
लता मंगेशकर ने बताया था कि ‘पूरी क्रिकेट टीम मैच से पहले मुझसे मिली थी. हर क्रिकेटर यही कह रहा था कि मैच हम ही जीतेंगे. मुझे याद है कि मैंने उनसे पूछा भी था कि आप लोगों को क्या लगता है. टीम ने पूरे विश्वास से कहा था कि जीत जाएंगे और जीत कर इतिहास रच दिया, ये बहुत बड़ी बात थी’. लता जी ने आगे बताया कि जब टीम ने मैच जीत लिया तो क्रिकेट बोर्ड के पास पैसे नहीं थे, इसलिए एक स्पेशल कॉन्सर्ट किया.

क्रिकेट बोर्ड के लिए कॉन्सर्ट से लता ने जुटाए थे पैसे
लता मंगेशकर ने बताया था कि ‘1983 में लंदन छुट्टियां मनाने गई थीं. लंदन में ही मेरी मुलाकात एनकेपी साल्वे साहब से हुई. जब भारतीय टीम जीत गई तो उन्होंने मुझसे कहा कि वे लोग इस शानदार जीत पर एक बड़ा प्रोग्राम करना चाहते हैं क्या वो प्रोग्राम आप करेंगी, मैंने कहा जरूर करूंगी. 17 अगस्त को मैं दिल्ली पहुंची और मैंने स्पेशल शो किया. इस शो में मुकेश भैया का बेटा नीतिन मुकेश और सुरेश वाडेकर ने भी साथ दिया. राजीव गांधी भी उस शो में मौजूद थे’.

कॉन्सर्ट में क्रिकेटर्स भी गाए थे गाने
लता जी ने बताया था कि ‘बहुत बड़ा और अच्छा शो हुआ था. सबसे अच्छी बात ये हुई थी कि एक गाना जो मेरे भाई ने बनाया था उसे सारे क्रिकेट खिलाड़ियों ने मिल कर गाया था. इस कॉन्सर्ट का समापन ही इसी गाने से हुआ था और मजे की बात तो ये है कि क्रिकेट के मैदान में बल्ले और गेंद का करिश्मा दिखाने वाले कई क्रिकेटर भी बहुत बढ़िया गाते भी हैं’.

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