बक्सर में इस साल विद्या की देवी मां सरस्वती स्कूटी से लोगों के घर पहुंचने वाली है। दरअसल, सिमरी प्रखंड स्थित नियाजीपुर के एक मूर्तिकार छोटे लाल कुम्हार द्वारा मां की प्रतिमा स्कूटी चलाते हुए बनाई गई है। जो इस साल चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में कुछ लोग इस मूर्ती को सरकार द्वारा बढ़ाई गई डीजल-पेट्रोल की कीमतों से जोड़ कर देख रहे है। तो कुछ ट्रैफिक से बचने के लिए।
वहीं, इस पर छोटे लाल कुम्हार ने बताया कि मेरी मूर्ती को देखने के लिए हर दिन कई लोग आ रहे। मूर्ती देखकर कुछ कह रहे कि डीजल पेट्रोल की बढ़ती महंगाई को देखते हुए मां इलेक्ट्रिक स्कूटी चला रही है। ये मॉर्डन जमाने की सरस्वती मां है। तो वही कुछ लोग इस प्रतिमा को महिला सशक्तिकरण से जोड़ कर देख रहे है।


सिमरी प्रखण्ड क्षेत्र के नियाजीपुर गांव के मूर्तिकार छोटे लाल कुम्हार।
बता दें कि ये मूर्ती सिमरी प्रखण्ड क्षेत्र के नियाजीपुर गांव के छोटे लाल कुम्हार द्वारा बनाया गया है। जो विगत 20 वर्षों से मूर्ति बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस बार एक अनोखा मूर्ति बनाया जो बढ़ते पेट्रोल की तरफ इशारा कर रही है। मूर्तिकार छोटे लाल द्वारा बताया गया कि नियाजीपुर विनीत कुमार पाठक उर्फ बिनय के द्वारा ऐसी मूर्ति बनाने का सुझाव दिया गया था। जिसके बाद यह मूर्ति बनाई गई।
बता दें कि बक्सर में 5 फरवरी को सरस्वती पूजा को लेकर विद्या की देवी की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में कलाकार जुटे हुए है। मूर्ति बनने से पहले ही एक बार फिर कोरोना के बढ़ते प्रकोप ने मूर्तिकार को उदास कर दिया है।



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