BIHARBreaking NewsSTATE

खान सर के समर्थन में आए कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, एग्जाम के सिस्टम पर खड़ा किया सवाल

खान सर के समर्थन में अब कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी उतर आए हैं। कामेडी के अंदाज में उन्होंने रेलवे परीक्षा का हाल बता दिया है। बच्चों के लिए सहानुभूति दिखाते हुए राजू श्रीवास्तव ने खान सर को भी बेचारा बताया है। कहा कि खान सर अपना काम कर रहे हैं, वह तो एक टीचर हैं, वे क्या भड़काएंगे किसी को। चुटकीले अंदाज में राजू श्रीवास्तव ने रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए बच्चों के हित में बात की है।

बेरोजगारी पर बात की
राजू श्रीवास्तव ने कहा कि जगह खाली होती है, लेकिन भर्ती नहीं निकाली जाती है। कोई पद खाली होता है तो संबंधित की फाइल बगल वाले को दे दी जाती है। कभी भर्ती निकलती भी है, लेकिन बाद में कैंसिल हो जाती है। कभी भी तो एग्जाम दे आए और बाद में पता चलता है कि पेपर ही लीक हो गया। ऐसे कंडीशन में कहा जाता है, फिर से एग्जाम दो। कहा जाता है कि फिर से लेटर आएगा, इंतजार करते रहते हैं। कभी कभी तो एग्जाम हो जाता है लेकिन रिजल्ट ही नहीं आता है। ऐसे में अब बैठकर रिजल्ट का इंतजार करते रहते हैं। दो दो साल तक रिजल्ट नहीं आता। ऐसे कंडीशन में जो बेरोजगार बच्चे हैं वह कितना धैर्य रख सकते हैं। कब तक इनके संयम की परीक्षा ली जाएगी।

अब इन सरकारों का बहाना नहीं चलेगा
राजू श्रीवास्तव ने कहा कि अब इन सरकारों का बहाना नहीं चलेगा। बरगलाना नहीं चलेगा। अब इनको जवाब देना पड़ेगा। रोजगार तो देना पड़ेगा। चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार हो, इन बेरोजगारों को रोजगार दो। वह परेशान होकर उब चुके हैं, थक चुके हैं। कभी-कभी इनके पास एडमिट कार्ड आता है तो न रिजर्वेशन है न ट्रेन में जगह। छात्रों को हर जगह परेशान होना पड़ता है। रेलवे के अफसरों सोचो तुमको कैसे नौकरी मिली, अब नौकरी मिल गई तो एंजॉय कर रहे हो। अपनी तरह दूसरों की भी सोचो। वह भी तुम्हारी तरह ही लगना चाहते हैं।

पटना में दंगा पर कहा सूझ-बूझ से लेना होगा काम
पटना में तोड़फोड़ हुआ, ट्रेन में आग लगा दी पूरी बोगी जल गई। रेलवे ने नोटिस भेजा कहा आप लोग जिस विभाग में काम करना चाहते है, उसी विभाग में नुकसान पहुंचा रहे हैं। आपको आजन्म रेलवे में नौकरी नहीं दी जाएगी। इससे बच्चे और भड़क गए। वहीं से ही सब दंगा भड़का है। राजू श्रीवास्तव ने कहा ऐसे समय में बहुत दिमाग से सूझबूझ से काम लेना होगा। ये बच्चे भी तो अपने ही हैं, ये श्रीलंका से नहीं आए हैं। सेंटर ऐसा होता है कि स्टूडेंटस परेशान हो जाते हैं। खान सर तो अपना काम कर रहे हैं। वह शिक्षक हैं, वह क्या किसी को भड़काएंगे। राजू ने परीक्षा के सिस्टम की खामी बताते हुए सुधार की मांग भी कर दी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.