सौतेली मां और पिता ने जब अपनी बेटी को घर से भगा दिया तो लोगों ने आसरा देकर उसकी शादी करा दी। इस शादी में पूरा गांव के साथ-साथ दूसरे गांव के लोग भी शरीक हुए और नव दंपती को बधाई दी। यह अनोखी शादी वैशाली जिले के हाजीपुर प्रखंड के दिग्घी कला पूर्वी गांव में हुई है। अब इस शादी की चर्चा पूरे जिले में है।
बताया जाता है कि नवादा में पिता और सौतेली मां ने अपनी बेटी को पीटकर भगा दिया था। इसके बाद वह भटकती हुई वैशाली पहुंची। यहां करीब 20 दिनों तक उसे स्थानीय लोगों ने सहारा दिया। इसके बाद जब वह घर जाने को तैयार नहीं हुई तो अच्छा लड़का देखकर उसकी शादी करा दी गई। युवती गुड़िया कुमारी नवादा के मझगांवा की निवासी है। वह मैट्रिक पास है। उसकी सौतेली मां हमेशा मारपीट करती थी, जिसका विरोध पिता भी नहीं करते थे।
गुड़िया ने बताया, ‘5 जनवरी को पिता जगत किशोर यादव और सौतेली मां ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था। घर से निकाले जाने के बाद भटकते हुए ट्रेन से पहले पटना, फिर हाजीपुर पहुंची। यहां किसी तरह दिग्घी पूर्वी गांव तक पहुंच गई। गांव में महेंद्र दास के दरवाजे पर जाकर खाना और पानी मांगते हुए रोने लगी। महेंद्र दास की पत्नी ने पूछताछ की तब अपनी आपबीती सुनाई।’ आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद महेंद्र दास के परिवार ने भटकी हुई लड़की को अपने पास रख लिया और बेटी की तरह प्यार देने लगे।

लड़की पर पड़ी असामाजिक तत्वों की नजर, तब स्थानीय मुखिया को दी जानकारी
महेंद्र दास के यहां रह रही गुड़िया पर इसी बीच कुछ असामाजिक लोगों की नजर पड़ गई। तब उसने दिग्घी पूर्वी पंचायत की मुखिया आशा देवी और उनके पुत्र रवि प्रकाश उर्फ टिंकू को मामले की जानकारी दी। रवि प्रकाश ने बताया कि हमारे समाज का दायित्व था कि उसे अपनी बेटी की नजरों से देखें। इसी उद्देश्य से लड़की से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद उसे थाने को सुपुर्द करने की योजना बनाई गई, लेकिन लड़की यहीं पर अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रही थी। उसने थाना जाने से साफ इनकार कर दिया।
शादी फाइनल कर अपनी बेटी जैसे कन्यादान कर विदा किया
मुखिया आशा देवी के मुताबिक, लड़की की इच्छा थी कि वह घर नहीं जाएगी, यहीं रहेगी। उसकी शादी कर दी जाए। इसके बाद लड़की के स्वजातीय दिग्घी निवासी कमल राय के भांजे सारण जिले के सबलपुर निवासी अलख राय से उसकी शादी तय की गई। बीते गुरुवार को मुखिया आशा देवी के आवासीय परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में दोनों की शादी करा दी गई।
शादी में लड़का और लड़की पक्ष समेत अन्य गांवों के लोग भी शामिल हुए। मुखिया पुत्र रवि प्रकाश और उनकी पत्नी पूजा लक्ष्मी ने अपनी बेटी की तरह उसका छेका, तिलक जैसे विधि-विधान कराए। फिर दोनों पति-पत्नी ने गुड़िया का कन्यादान कर उसकी विदाई की। ग्रामीणों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार, गुड़िया को उपहार, कपड़ा और आभूषण दिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। गांव में खुशी का माहौल बन गया।
शादी के बाद गुड़िया ने कहा, ‘सब कुछ मेरी मर्जी से हुआ है। मैं इस शादी से खुश हूं।’ वहीं, सबलपुर नेवल टोला निवासी दूल्हा अलख राय ने बताया, ‘इस शादी से वह भी खुश है। शादी पूरे नियम-कानून के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से हुई है। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दे दी गई है।’



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