सोमवार को राजधानी पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर तकरीबन 9 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। कई ट्रेनों के परिचालन पर अभ्यर्थियों ने रोक लगा दिया। ट्रेनों के ऊपर चढ़ गए, परिस्थिति ऐसी बन गई कि काफी समझाने के बावजूद जब NTPC के अभ्यर्थी नहीं माने तो उनके ऊपर भारी दल बल के साथ पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ-साथ आंसू गैस का भी प्रयोग किया। इसके बाद तकरीबन रात 8:00 बजे के बाद मामला थोड़ा शांत हुआ। वहीं, रात 10 बजकर 5 मिनट पर ट्रेन का परिचालन शुरू हो गया।
दरअसल, RRB-NTPC का रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र आक्रोशित हो गए। छात्रों का कहना था कि एक ही व्यक्ति का नाम कई पदों पर दे दिया गया है। इसकी वजह से कई लोग बहाली से वंचित रह गए। एक तो रिजल्ट 3 साल बाद दिया जाता है उसके बावजूद RRB-NTPC के एग्जाम में स्कैम किया जाता है। रिजल्ट को जल्द से जल्द सुधारा जाए, इन सभी मांगों को लेकर छात्र काफी ज्यादा आक्रोशित थे और खूब हंगामा किया। रेलवे प्रशासन कई घंटों तक मशक्कत करता रहा। बावजूद 10,000 से अधिक संख्या में पहुंचे RRB-NTPC के अभ्यर्थी मानने को तैयार नहीं थे।


आक्रोशित छात्रों को शांत कराने घटनास्थल पहुंचे पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह।
देर रात दलबल के साथ पटना SSP और पटना के DM को खुद जाना पड़ा
इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों पर जमकर लाठी बरसाए। आंसू गैस भी दागे और तब प्रदर्शन कर रहे। अभ्यर्थियों को मौका-ए-वारदात से भगाया गया। इसमें 4 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी भी हुई है और 500 से अधिक प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर मामला दर्ज भी कराया गया है।
पटना DM ने कहा- प्रदर्शन में कोचिंग वालों का हाथ
पटना के DM ने बताया, ‘तकरीबन 5 से 6 घंटे तक रेलवे को बाधित किया गया था। इसमें बच्चे, बूढ़े, महिलाएं काफी ज्यादा परेशान हो रही थी। इन बच्चों को उकसाने में कोचिंग संस्थानों का हाथ है। उन्होंने इस प्रदर्शन में इन लोगों का मान बढ़ाया है। उस पर भी जांच की जा रही है। हर एक बिंदुओं पर हमारी नजर है और जो भी मामला सामने आएगा उन पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।’



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