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काम की खबर! इस राज्य में बदल गया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का नियम, हजारों लोगों को होगी परेशानी

नई दिल्ली. अगर आप भी नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का सोच रहे हैं या आपने इसके लिए पहले अप्लाई कर रखा है तो ये खबर जान लीजिए. बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब आप का जिस जिले में लर्निंग लाइसेंस बनाया गया है, वहीं से लाइट या परमानेंट लाइसेंस भी बनेगा. किसी अन्य जिले में स्थायी लाइसेंस बनाने का ऑप्शन खत्म कर दिया है. इस संबंध में परिवहन विभाग ने सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक व्यवस्था करने का आदेश दिया है.

अब तक आवेदकों के पास लर्निंग लाइसेंस बनवाने के बाद कहीं से भी स्थायी लाइसेंस बनाने का ऑप्शन था. इसके कारण जिन जिलों ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य है. वहां से लर्निंग लाइसेंस बनाकर दूसरे जिलों में जाकर बिना टेस्ट दिये स्थायी लाइसेंस बना लेते थे. इसका सबसे बड़ा नुकसान यह था कि लोग बिना सही ड्राइविंग सीखे ही लाइसेंस बनवा लेते थे.

बिना अनुमति नहीं खोल सकेंगे ड्राइविंग स्कूल
परिवहन विभाग ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है. अक्सर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण वाहन चालकों का पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं होना है. इसको देखते हुए सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में मोटर वाहन प्रशिक्षण संस्थान और खोले जाने की दिशा में काम किया जाएंगे. साथ ही संस्थान को मानक रूप से प्रारंभ किया जाएगा. स्कूल और संस्थान खोलने का काम उच्च प्राथमिकता के साथ करने का निर्देश दिया गया है.

हजारों आवेदकों को होगी परेशानी
पटना जिले में तीन जनवरी से लेकर 15 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन का ऑप्शन और ऑनलाइन टेस्ट का भी स्लॉट बुक नहीं हो रहा था. इसके कारण हजारों आवेदक जिनका लर्निंग लाइसेंस फेल हो रहा था, उन्होंने दूसरे जिलों में जाकर स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया. स्थायी लाइसेंस के लिए 2300 रुपये का चालान कटाना पड़ता है. स्लॉट बुक कराने का अलग से 50 रुपये देने पड़ते हैं. इससे हजारों आवेदकों का लाइसेंस फंस सकता है.

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