मुजफ्फरपुर के बरुराज थाना क्षेत्र स्थित फुलवरिया चौक पर पेट्रोल पंप और बाइक एजेंसी लूटने पहुंचे अपराधियों की पुलिस ने तीन तरफ से घेराबंदी कर रखी थी। बताया जा रहा है कि सर्विलांस के माध्यम से पुलिस को सूचना मिल चुकी थी कि लूटपाट की बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश है। SSP जयंतकांत के निर्देश पर टाउन इंस्पेक्टर अनिल कुमार, साहेबगंज थानेदार अनूप कुमार और बरुराज थानेदार मुकेश कुमार ने मोर्चा संभाल लिया था। भागने के सभी तीन रास्तों की पुलिस ने पहले से घेराबंदी कर ली थी। सिर्फ चौर वाले रास्ते को खुला छोड़ रखा था। ताकि अगर फायरिंग हो भी तो उधर कोई आबादी नहीं है।

एसएसपी जयंतकांत।
घटना से दो घंटे पहले से पुलिस फोर्स अलर्ट हो गई थी। वहीं पुलिस की एक टीम सादे लिबास में पम्प से 500 मीटर पहले खड़ी थी। दो जवान पम्प के बाहर एक चाय दुकान पर थे। जैसे ही अपराधी बोलेरो और बाइक से आए पांच सौ मीटर पहले खड़ी टीम ने पीछे से घेराव करना शुरू कर दिया। दूसरी टीम को भी अलर्ट कराया। इसके बाद अपराधियों की तीनों तरफ से घेराबंदी कर धावा बोला गया। तभी अचानक से फायरिंग होने लगी।
काम आई पुलिस की रणनीति
पुलिस की रणनीति भी काम कर गई और अपराधी जान बचाने के लिए चौर की तरफ भागने लगे। पुलिस भी आत्मरक्षार्थ फायरिंग करती हुई पीछा करने लगी। क्योंकि चौर में आबादी नहीं थी। इस सटीक रणनीति के कारण अपराधी अधिक दूर तक नहीं भाग सके। पुलिस की जवाबी कार्रवाई से अपराधी चंद मिनटों में ही पस्त हो गए। चार को गोली लगी और अन्य चार को दबोच लिया गया। इसी भागदौड़ में टाउन हर साहेबगंज थानेदार चोटिल भी हुए।
पेशेवर अपराधी हैं सभी
SSP ने बताया कि ये सभी पेशेवर अपराधी हैं। पूर्व में बैंक लूट, लूट और छिनतई समेत कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। जेल भी जा चुके हैं। जेल से जमानत पर छूटने के बाद फिर अपराध करने निकल पड़ते हैं। गिरोह का सरगना वैशाली का अयूब है। वह मौके से फरार हो गया था। उसी के इशारों पर सभी लुटेरे एकजुट हुए थे।
पकड़े गए अपराधियों ने बताया कि बरुराज में ही दो सप्ताह पूर्व लूटपाट की साजिश रची गई थी। दो दिन से वे लोग पम्प और बाइक एजेंसी की रेकी भी कर रहे थे। SSP ने बताया कि SIT की टीम वैशाली समेत कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। शीघ्र ही अयूब भी पकड़ में आ जायेगा। अन्य जिलों से भी इन सभी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
पूरी तैयारी से आये थे लुटेरे
लूटपाट की घटना को अंजाम देने के लिए वे पूरी प्लान कर के साथ आए थे। इनकी तैयारी पूरी थी। इनके पास से सात हथियार और 29 गोली मिला है। जबकि दर्जनों राउंड इन लोगों ने फायरिंग भी की थी। पुलिस के अनुसार करीब 50 राउंड फायरिंग करने के लिए इन लोगों के पास गोलियां थी, लेकिन पुलिस फोर्स की मुस्तैदी ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।



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