मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित आई हॉस्पिटल कांड में अब जिला उपभोक्ता आयोग ने नोटिस जारी किया है। विदित हो कि गत वर्ष 22 नवम्बर को आई हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर द्वारा मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन किया गया था। जिसमें हुई गड़बड़ी के कारण 15 मरीजों की आंख निकालनी पड़ी थी।
अपनी आंख गंवा चुके मरीजों में से राममूर्ति सिंह, हरेंद्र रजक, पन्ना देवी और प्रेमा देवी की ओर से जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष 10 लाख रूपया हर्जाना के लिए आई हॉस्पिटल के विरुद्ध परिवाद दायर किया गया था। जिस पर सुनवाई 18 जनवरी को हुई।
तत्पश्चात आयोग के द्वारा मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, शल्य चिकित्सक डॉ. एन. डी. साहू एवं ओटी असिस्टेंट के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है। सभी लोगों को 12 अप्रैल को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष उपस्थित होना है। ज्ञात हो कि पीड़ितों की ओर से मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा केस लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति बेहतर स्वास्थ्य पाने के लिए अस्पताल का रुख करता है लेकिन यहाँ तो अस्पताल ने आँखों को रौशनी देने के बजाय लोगों से आंखें ही छीन ली। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है। इसके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिये और पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए।



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