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प्रशासन की लापरवाही, पारा 8 डिग्री, अस्पताल में मरीजाें काे बेड पर नहीं मिल रहे कंबल व चादर

चंपारण के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसीएच में आए मरीजों को अस्पताल प्रशासन की ओर से चादर व कंबल मुहैया कराया जाना है। लेकिन आलम यह है कि हाड़ कंपाने वाली न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस में भी मरीज व उनके परिजनों को इसकी व्यवस्था खुद से करनी पड़ रही है। इसकी वजह से गरीब व असहाय मरीजों को ठंड में परेशानी झेलनी मजबूरी बनी हुई है। जबकि अस्पताल प्रशासन लगातार दावा कर रह रहा है कि वह अस्पताल के सभी बेडों पर चादर व कंबल मुहैया करा रहा है।

इसके साथ ही सरकार के 9 लाख रुपए प्रतिमाह अस्पताल के चादरों व कंबलों की साफ -सफाई पर भी खर्च हो रहे है। अब सवाल यह है कि आखिर अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को दिया जाने वाला चादर व कंबल जा कहा रहा है? मंगलवार दोपहर दैनिक भास्कर ने जब इसकी रियलिटी चेक किया तो ज्ञात हुआ कि मरीजों को चादर व कंबल उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। अव्वल तो यह कि रियलिटी जांच के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने दावा किया कि सभी मरीजों को चादर व कंबल दिया जा रहा है।

मरीज बोले- किसी बेड पर नहीं मिले चादर और कंबल, भोजन की गुणवत्ता में भी कमी, गरीब लोगों को झेलनी पड़ रही अधिक परेशानी

1:50 बजे : पंजीयन काउंटर पर थे दो कर्मी

जीएमसीएच के सी ब्लाॅक के बाहर पुलिस कर्मी व सिक्यूरिटी जवानों के साथ मरीज व उनके परिजन आ जा रहे है। कड़ाके की ठंड की वजह से कुछ पुलिस कर्मी अलाव तापते भी दिख रहे है। अंदर काउंटर पर आने वाले मरीजों का पंजीयन हो रहा है। पंजीयन काउंटर पर दो कर्मी तैनात है।

1:52 बजे : इमरजेंसी वार्ड में डाॅ. संतोष तैनात थे

इमरजेंसी वार्ड में डाॅ. संतोष इंटर्नशिप चिकित्सक के साथ ड्यूटी पर तैनात है। बगल वाले कक्ष में एक कर्मी नगर पुलिस के साथ शराब मामले में पकड़े गए दो आरोपी धीरज कुमार एवं लड्डू मल्लिक की कोरोना टेस्ट कर रहे है। जांच के बाद धीरज का रिपोर्ट पॉजिटिव आता है। उधर, इमरजेंसी में ही डा. संतोष एएनएम संतोष पचौरी के साथ नरकटियागंज के अशोक सर्राफ को डायलिसिस कराने की सलाह दे रहे है। इसी बीच चिकित्सकों की ड्यूटी बदलती है और इमरजेंसी में डाॅ. नीतेश आते है।

2:00 बजे : 4 दिनों से भर्ती मरीज को भी नहीं दिए चादर-कंबल

महिला वार्ड में बलुआ बखराहा की रहने वाली चंद्रावती देवी को लीवर में परेशानी है। यह चार दिनों से भर्ती है। इनके परिजन धर्मेंद्र यादव बताते है कि उन्हें अस्पताल की ओर से बेड पर न चादर दिया गया है और नहीं कंबल। शनिचरी थाना क्षेत्र की राबड़ी देवी को अचेतावस्था में भर्ती कराया गया है। यह सोमवार से भर्ती है। इन्हे भी अस्पताल की ओर से चादर व कंबल नहीं दिया गया है। बलथर की फातमा खातून को सांस लेने की परेशानी व चीनी की शिकायत पर तीन दिनों से भर्ती है। इनके परिजन बताते है कि इनके बेड पर भी कंबल चादर नहीं है। नगर के बसवरिया की रामरती कुंअर को आवाज नहीं निकलने व पैरालाइज की शिकायत पर चार दिनों से भर्ती है। इनके परिजन बताते है कि उनके बेड पर भी कंबल चादर नहीं दिया गया है।

2:12 बजे : द्वितीय तल पर डायलिसिस हो रही थी

द्वितीय तल पर डायलिसिस के मरीजों का इलाज हो रहा है। वहां काउंटर पर तीन स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की देखरेख में लगे हुए है। कुमारबाग के अवधेश साह बताते है कि उनकी दोनों किडनी फेल है और वे डायलिसिस के लिए आए है। उन्हें वेटिंग में रखा गया है तीन बजे का समय मिला है।

2:25 बजे : मिलने वाले भोजन पर जताई आपत्ति

पांचवें तल को सर्जिकल वार्ड बनाया गया है। नगर पुलिस बसवरिया के पिंटू मिश्र को एससीएसटी एक्ट के आरोप में गिरफ्तार कर लाई है। उनका इलाज चल रहा है। अमोलवा के दिलिप गिरी घाव का इलाज करा रहे है। इनका कहना है कि बेड पर चादर तो मिला था लेकिन कंबल नहीं दिया गया था। बताया कि अस्पताल की ओर से खाना नाश्ता जो मिल रहा है उसमे गुणवत्ता नहीं है। खैरीटोला के रामाकांत महतो का कहना था कि मरीजों को जो भोजन मिलना चाहिए व नहीं मिल पा रहा है।
कोविड वार्ड में एडमिट हुआ पहला संक्रमित मरीज
सोमवार की रात योगापट्‌टी के एक मरीज को कोरोना संक्रमण की शिकायत में कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है। तीसरे वेब में ये जीएमसीएच के कोविड वार्ड में एडमिट होने वाले पहले मरीज है। परिजनों ने बताया कि लीवर में कैंसर की शिकायत पर उसका ऑपरेशन कराने पटना गए थे। जहां कोरोना जांच में कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें जीएमसीएच बेतिया भेज दिया गया। ये सोमवार की रात से कोविड वार्ड में एडमिट है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

^अस्पताल में भर्ती मरीजों को उनके मांगने पर ही ठंड में कंबल उपलब्ध कराया जाता है। बेड पर भी चादर मांग के हिसाब से बिछाया जाता है। स्टोर इंचार्ज को सारी व्यवस्था करनी है।
-डाॅ. श्रीकांत दूबे, उपाधीक्षक, जीएमसीएच।

^जीएमसीएच में भर्ती मरीजों के बेड पर अनिवार्य रूप से चादर बिछानी है। कंबल भी देना है। अगर मरीजों के बेड पर चादर नहीं बिछी व कंबल उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसकी जांच करायी जाएगी। -डाॅ. प्रमोद तिवारी, अधीक्षक, जीएमसीएच बेतिया।

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