मकर संक्रांति पर शनिवार को गंगा घाट पर लोगों की खूब भीड़ उमड़ी। लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई और फिर दही-चूड़ा खाया, पर इस दौरान लोगों ने कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा दी। ना मास्क लगाया और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का ही ध्यान रखा। साथ ही घाट पर मौजूद मजिस्ट्रेट और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। वहीं, जब लोगों से इस भीड़ में आने और मास्क ना लगाने के बारे में पूछ गया तो कई ने कहा, ‘कोरोना से डर तो लगता है, पर आज नहाने से कोरोना गंगा मैया में बह जाएगा।’


पटना सिटी के गंगा घाट पर स्नान करते श्रद्धालु।
पुलिस भी नहीं पालन करा सकी कोरोना गाइडलाइन
कई गंगा घाट पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। प्रत्येक घाटों पर सुरक्षा के लिहाज से महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद रहे। बावजूद लोगों की भीड़ घाटों पर उमड़ी और कोरोना गाइडलाइन का किसी ने पालन नहीं किया।


लोगों ने मास्क तक नहीं लगाया।
सबसे अधिक भीड़ राम रेखा घाट पर
बक्सर के 8 घाटों में सबसे अधिक भीड़ राम रेखा घाट पर देखी गई। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण साइड वाले रास्ते से लोग नदी के तट पर पहुंचे और स्नान किया। इधर, घाट पर स्नान करने वाले लोगों से जब पूछा गया कि इस भीड़ वाले घाट पर आने से डर नहीं लगा तो कई ने कुछ बोलने से परहेज किया। कुछ लोगों ने कहा, ‘मकर संक्रांति के कारण आज गंगा में स्नान जरूरी है।’

स्नान के दौरान लोगों ने कोरोना गाइडलाइन का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा।

छपरा में भी सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर लाखों लोगों ने डुबकी लगाई।



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