BIHARBreaking NewsSTATE

नेपाल बॉर्डर पर जांच की व्यवस्था नहीं, बिना मास्क के बिहार आ-जा रहे हैं लोग

बिहार में नेपाल के रास्ते कोरोना के नए स्ट्रेन आने का खतरा है। बॉर्डर पर इंटरनेशनल खतरा के बाद भी कोरोना की जांच नहीं हो रही है। हर दिन कई संख्या में लोगों का आना जाना हो रहा है, लेकिन सरकार जांच नहीं करा रही है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में नेपाल सीमा पर कोरोना को लेकर बड़ी चूक सामने आई है। मधुबनी से लगे नेपाल सीमा के रास्ते बिहार में लोग बिना रोक-टोक के आ जा रहे, लेकिन किसी की स्क्रीनिंग तक नहीं की जा रही है। जटही बॉर्डर पर कोई नया स्ट्रेन नेपाल के रास्ते भारत पहुंच सकता है। बिहार में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बॉर्डर पर जांच का सन्नाटा है।

सुरक्षा की जांच, लेकिन कोरोना की छूट

सशस्त्र सीमा बल के जवानों का कहना है कि यहां कोरोना जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। SSB जवानों ने बताया कि सुरक्षा को लेकर वह पूरी तरह से अलर्ट रहते हैं। एक- एक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जाती है। गाड़ी की एंट्री कर नेपाल की तरफ जाने वाले लोगों को जाने दे रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से बॉर्डर को बंद करने को लेकर कोई आदेश नहीं है। इंडो- नेपाल सीमा के पास ही बस स्टैंड भी है, जहां से लोग आसानी से नेपाल बॉर्डर पार कर आ जा रहे हैं। ऐसे में खुली सीमा के रास्ते कोरोना संक्रमण का बड़ा खतरा है।

बिहार के प्रमुख बॉर्डर रक्सौल में भी कोरोना की जांच को लेकर कोई सख्ती नहीं है।

बिहार के प्रमुख बॉर्डर रक्सौल में भी कोरोना की जांच को लेकर कोई सख्ती नहीं है।

रक्सौल बॉर्डर पर भी कोरोना की अनदेखी

दूसरी लहर में कोरोना को लेकर बॉर्डर पर काफी सख्ती रही, लेकिन तीसरी लहर में जांच तक नहीं है। बिहार के प्रमुख बॉर्डर रक्सौल में भी कोरोना की जांच को लेकर कोई सख्ती नहीं है। रक्सौल बॉर्डर पर नेपाल से भारत आने वाले यात्रियों का कोरोना टेस्ट में लापरवाही देखी जा रही है, जिसके कारण देश में कोरोना के नए वैरिएंट का खतरा है। भारत-नेपाल की खुली सीमा के कारण लोगों का आना जाना सामान्य दिनों की तरह ही है। नेपाल से भारत आने के लिए एक मात्र भारत नेपाल के रक्सौल बॉर्डर पर मैत्रिक पुल है, जिस रास्ते यात्री आते जाते रहते हैं। आने वाले यात्रियों का कोरोना जांच के लिए कस्टम ऑफिस के पास कैंप तो लगाया गया है, लेकिन टीम भी एक्टिव नहीं है और आम लोग भी लापरवाही कर रहे हैं। जो यात्री खुद से कैंप में जांच के लिए पहुंच रहे उनकी जांच हो रही है, बाकी के लिए जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

जब बॉर्डर पर यह लापरवाही तो आम रास्तों का क्या

जब बॉर्डर पर ऐसी लापरवाही हो रही है तो आम रास्तों पर क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बॉर्डर पर जहां कैंप लगाया गया है वहां महज जांच की औपचारिकता ही की जा रही है। कोई भी यात्री खुद से जांच नहीं कराना चाहता और टीम ऐसी नहीं जो सख्ती से स्क्रीनिंग या जांच कर सके। ऐसे में सवाल है कि अगर कोई संक्रमित देश मे प्रवेश कर जाते हैं तो वह संक्रमण की पूरी चेन तैयार कर देंगे। लापरवाही का आलम यह है कि नेपाल से भारत आने वाले बिना मास्क के ही आ जा रहे हैं।

90 प्रतिशत यात्रियों के चेहरे पर मास्क तक नहीं दिख रहा है। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। मोतिहारी के सिविल सर्जन का कहना है, ‘कस्टम ऑफिस के पास जांच के साथ टीका के लिए भी टीम लगाई गई है।’ DM शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि नेपाल से भारत मे एंट्री करने बाले पांच चेकपोस्ट पर कोरोना की जांच की जा रही रहा है। रक्सौल मैत्रिक के पास कस्टम ऑफिस, आईसीपी, ढाका, घोड़ासहन में कोरोना जांच हो रही है। बॉर्डर पर और सख्ती बरती जाएगी। अभी सील करने का कोई आदेश नहीं आया है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.