मधुबनी जिला के बेनीपट्टी के बनकट्टा स्थित रामजानकी मंदिर से बीती रात चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। जहां हथियारबंद बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर पुजारी उपेंद्र दास को बंधक बनाया और फिर करोड़ों के अष्टधातु मूर्ति ले गए।
वहीं, इस घटना को लेकर पुजारी की पत्नी ने बताया कि रात करीब 12 बजे दस की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने पुजारी को बंधक बना कर मंदिर का चाभी मांगा। चाभी नहीं होने की बात पुजारी के द्वारा कहने पर अपराधियों ने मंदिर का ताला तोड़कर मंदिर में रखे 100 वर्षों से भगवान राम, सीता, लक्ष्मण व गणेश की मूर्ति विराजमान थे। जिसको लेकर बीती रात चोर फरार हो गए।
पुजारी के पत्नी ने बताया राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्ति 11.30 किलो की थी। वहीं, गणेश की मूर्ति 5 किलो की। इस मंदिर में पहले भी वर्ष 2011 में मूर्ति चोरी की घटना को अंजाम दिया था। लेकिन उस वक्त पुलिस ने चोरी किए हुए मूर्ति को बरामद कर लिया था।


लेकिन बीती रात फिर से चोरों ने बंदूक की नोक पर मंदिर में घुसकर तला तोड़ कर मंदिर स्थापित मूर्ति चुरा ले गए। जब इस घटना की जानकारी नजदीकी थाना को दिया तो थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंच कर जाएजा लिया और जांच में जुट गई।

इस जांच के क्रम में मंदिर के पुजारी से घटना की संबंध में पूछताछ कर रही है। वहीं टेक्निकल सेल भी इस घटना को लेकर जांच में जुट गई। बेनीपट्टी थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि जांच चल रही है अभी चोरी हुई मूर्ति का कोई आंकड़ा नहीं बता सकता। लेकिन वहीं स्थानीय लोगों ने बताया की यह मूर्ति 100 वर्ष पुराना है इसलिए करोड़ों रुपए मूल्य का बताया।




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