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बिहार में लौटेगा सख्‍त पाबंदियों का दौर, कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन के संकेत

बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पांच से सात दिनों के लिए सख्‍त पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। इसके संकेत सीएम नीतीश कुमार ने दिए हैं। सोमवार को 15 से 18 साल के किशोरों के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम ने कहा कि कोरोना के बढ़ते केसों के मद्देनजर सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। 

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है। इधर, केस बढ़े हैं। अभी लंबा लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकता लेकिन 5 से 7 दिन सख्‍ती करके संक्रमण को रोकने की कोशिश की जाएगी। बिहार में फिर से लॉकडाउन लागू किए जाने की सम्‍भावनाओं पर पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा कि वह इस बारे में कल निर्णय लेंगे। सीएम ने कहा कि कल बैठक में इसकी समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा। 

सीएम नीतीश ने कहा कि सरकार, महामारी में अचानक आई बढ़ोत्‍तरी को लेकर मंगलवार को गहनता से अध्‍ययन करेगी और सभी जरूरी कदम उठाएगी। आंशिक लॉकडाउन, कोविड की रोकथाम के उपायों को सख्‍ती से लागू करना, नाइट कर्फ्यू जैसे कदम सीमित समय के लिए उठाए जा सकते हैं। कल यानी मंगलवार को मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में होने वाली हाईलेवल मीटिंग के बाद इन पाबंदियों का ऐलान हो सकता है। 

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि राज्‍य की स्‍वास्‍थ्‍य मशीनरी सतर्क है। बीमारी का पता लगाने के लिए टेस्‍ट भी बढ़ाए जाएंगे। उन्‍होंने कहा- ‘ओमिक्रान वैरिएंट का पता लगाने के लिए राज्‍य में जीनोम सिक्‍वेंसिंग भी शुरू कर दी गई। कोविड से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए आइसोलेशन सेंटरों को भी तैयार रखा गया है। राज्‍य में दवाइयों और ऑक्‍सीजन का कोई संकट नहीं है। लोगों को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है।’ 

क्‍या बढ़ती महामारी को देखते हुए पांच राज्‍यों में होने वाले चुनाव टाल दिए जाने चाहिए इस सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि हालात अभी इतने खराब नहीं हैं। ‘केरल में तो विधानसभा चुनाव कोरोना काल में ही हुए। यहां तक कि बिहार में भी विधानसभा चुनाव तब हुए जब कोरोना के मामले बढ़ रहे थे। एहतियात बरतते हुए चुनाव कराए गए। जाति आधारित जनगणना को लेकर अपना स्‍टैंड साफ करते हुए सीएम ने एक बार फिर कहा कि बीजेपी की सहमति मिलने के बाद इस बारे में सभी पार्टियों की बैठक बुलाई जाएगी। ‘सभी पार्टियों ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। भाजपा नेतृत्व अपना समय ले रही है। वे दिल्‍ली के अपने वरिष्‍ठ नेताओं से इजाजत का इंतजार कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि इस मुद्दे पर असहमति की कोई गुंजाइश है। मैने भाजपा के स्थानीय नेताओं से इस सम्‍बन्‍ध में बात की है।’

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बिहार में ‘जाति आधारित जनगणना’ की संभावना को खारिज कर दिया है। हालांकि कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में इस विषय को उठाया था। केंद्र ने साफ कर दिया है कि पहले की तरह केवल अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की नये सिरे से गणना की जाएगी। इससे बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मची है जहां दशकों से सियासत में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातियों का प्रभुत्व रहा है।

जीतनराम मांझी और परिवार के कई सदस्‍य कोरोना पॉजिटिव पाए गए गए 

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पूर्व सीएम के साथ उनकी पत्नी शांति देवी, बेटी पुष्पा माझी और बहू दीपा माझी के साथ ही परिवार से जुड़े 18 लोग की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

352 नए मरीज मिले 

बिहार में 352 कोरोना के नए संक्रमित मरीजों की पहचान रविवार को हुई। एक दिन पूर्व राज्य में 281 नये संक्रमित मरीज मिले थे। इस प्रकार, पिछले 24 घंटे के अंदर करीब 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। इसके पूर्व 18 जुलाई, 2021 को राज्य में 347 नये संक्रमित मरीज मिले थे। 

एनएमसीएच के 84 समेत 110 डॉक्टर-कर्मी संक्रमित

उधर, पटना में कोरोना ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। रविवार को 110 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सहित कुल 229 कोरोना मरीज मिले हैं। जिले में अब कुल सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या 634 हो गई है।

संक्रमितों में एनएमसीएच के 84 जूनियर व एमबीबीएस डॉक्टर, एम्स पटना के पांच डॉक्टर व 10 स्वास्थ्यकर्मी, पीएमसीएच के चार डॉक्टर, दो स्वास्थ्यकर्मी, आईजीआईसी में तीन डॉक्टर, दो स्वास्थ्यकर्मी समेत पांच संक्रमित शामिल हैं। आईजीआईसी के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, उनके पुत्र व एक अन्य चिकित्सक पॉजिटिव पाए गए हैं। जीजीएस अस्पताल सिटी के हेल्थ मैनेजर भी संक्रमित मिले हैं।

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