बिहार में बाहर से आने वालों ने मुश्किल बढ़ा दी है। विदेशियों ने जहां कोरोना के नए वैरिएंट का खतरा बढ़ाया है। वहीं, देश के अन्य राज्यों से आने वालों ने डेल्टा व डेल्टा प्लस का खतरा बढ़ाया। बिहार में ओमिक्रॉन का पहला मामला भी विदेश से आया है।
शुक्रवार को कई ऐसे लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जो विदेश यात्रा से लेकर राज्य के अन्य शहरों से बिहार आए हैं। इसमें सउदी अरब, दुबई, यूएसए के साथ देश के मुंबई, रांची, शिमला, दिल्ली से आए लोग पॉजिटिव आए हैं।
दुबई से पहुंच गए पटना तब डिटकेक्ट हुआ वायरस
पटना के फुलवारी में 37 साल की एक महिला सउदी अरब से आई है। वह पटना आ गई लेकिन बीच में वायरस कहीं पकड़ में नहीं आया है। पटना में जांच के दौरान शुक्रवार काे उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया है। अब उसकी जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजा जाएगा। इसी तरह से दुबई से पटना के दीपगंगा अपार्टमेंट में आया 41 साल का व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। वह दुबई से पटना आ गया लेकिन वायरस पकड़ में नहीं आया।

दोनों विदेश से आने वाले पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं। इसी तरह से यूएसए से आई 28 साल की महिला भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। वह ऑफिसर्स कॉलोनी में आई है। बीच में जांच के दौरान उसका संक्रमण भी पकड़ में नहीं आया। बिहार में ट्रवेल कर वह घर पहुंच गई इसके बाद वायरस की पुष्टि हो पाई है। दीपगंगा अपार्टमेंट में भी दुबई से आई एक 37 साल की महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। वह भी वैक्सीनेटेड है। हर मामले में खास बात यही है कि विदेश से पटना के सफर में वायरस कहीं पकड़ में नहीं आया पटना में ही पकड़ में पाया।

देश के अन्य राज्यों से आने वालों से भी मुश्किल
पटना और बिहार के अन्य जिलों में देश के अन्य राज्यों से आने वालों से भी कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटे में जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक रांची से दो लाग आए हैं जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोलकाता से आए आए 24 साल के युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
दिल्ली से आई 29 साल की महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इसी तरह से शिमला से आई 24 साल की महिला भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। मुम्बई से आई 36 साल की महिला भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। दिल्ली से शिवपुरी आई 46 साल की महिला भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।

40 प्रतिशत लोगों की ही हो पाई जांच
बिहार में बाहर से आने वालों में 40 प्रतिशत की ही जांच हो पा रही है। बिहार सरकार को जो भी सूची मिल रही है उसमें शामिल अधिकतर लोगों से कांटेक्ट नहीं हो पा रहा है। कुछ अपना एड्रेस गलत बता रहे हैं तो कुछ बाहर होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में ओमिक्रॉन की दहशत के बीच कोरोना का बड़ा खतरा है। पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी का कहना है कि जो भी सूची मिलती है उसके हिसाब से लोगों को ट्रेस करने का पूरा प्रयास किया जाता है।

इसके लिए टीम भी बनाई गई है लेकिन संपर्क नहीं होने वाले फिर जिले से बाहर होने वालों की जांच नहीं हो पाती है। पटना में स्वास्थ्य विभाग को 7000 से अधिक लोगों की सूची मिली है जो विदेश से आए हैं। कितने की जांच हुई है और कितने ट्रैक नहीं हो पाए हैं इसकी कोई जानकारी विभाग नहीं दे रहा है।



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