बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के ब्राह्मणों पर दिए बयान पर प्रतिक्रियाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ब्राह्मण समुदाय से जुडे लोगों में पूर्व मुख्यमंत्री के बयान को लेकर काफी गुस्सा देखा जा रहा है। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था के प्रदेश अध्यक्ष राहुल लवानिया ने जीतन राम मांझी की गर्दन काटने वाले को 21 लाख का इनाम की घोषणा कर दी है। आगरा में रविवार को जीतन राम मांझी का पुतला फूंका गया और जमकर नारेबाजी की गई। इससे पूर्व बिहार में भी उनकी जीभ काटने पर इनाम की घोषणा हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था के प्रदेश अध्यक्ष राहुल लवानिया।
ब्राह्मणों को दी थी गाली

जीतनराम मांझी ने कुछ दिनों पहले एक कार्यक्रम में ब्राह्मणों को यह कहकर गाली दी थी कि पंडित दलितों के यहां आकर पूजा पाठ करवाते हैं मगर उनके घर का खाना नहीं खाते हैं। साथ ही मांझी ने यह भी आरोप लगाया था कि यही पंडित इन गरीब लोगों के यहां खाना तो नहीं खाते हैं मगर उनसे नगद पैसा जरूर ले लेते हैं। मांझी के इस बयान का वीडियो भी सामने आया था। जिसके बाद बिहार की राजनीति में खलबली मच गई थी और खासकर ब्राह्मण समाज से जुड़े संगठन और नेताओं ने उन पर हल्ला बोल दिया था। बिहार के नेता गजेंद्र झा ने उनकी जीभ काटने वाले को इनाम की घोषणा की थी।
आगरा में अरतोनी हनुमान मंदिर के पास अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था के पदाधिकारियों ने मांझी के पुतले की जूते से पिटाई की। उसके बाद पुतला फूंका।
भाजपा पर ब्राह्मण विरोधी होने का लगाया आरोप
अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था के प्रदेश अध्यक्ष राहुल लवानिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ब्राह्मण विरोधी है। इसीलिए जीतन राम मांझी का समर्थन कर रही है। इसी के चलते बिहार में जीतन राम मांझी के खिलाफ बयान देने वाले गजेंद्र झा को पार्टी ने निष्कासित कर दिया। इससे भाजपा की ब्राह्मण विरोधी होने की मानसिकता का पता चलता है।

लवानिया ने कहा कि एक तरफ भाजपा श्रीराम की बात करती है तो दूसरी तरफ श्रीराम का अपमान करने वाले जीतन राम मांझी का समर्थन करती है। जो भी मांझी की गर्दन काट कर लाएगा। हमारी संस्था उसे 21 लाख रुपए का इनाम देगी।



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