BIHARBreaking NewsSTATE

दोनों महान व्यक्तियों के व्यक्तित्व एवं योगदानों पर विद्वान शिक्षकों का होगा वक्तव्य, जानें…

मुजफ्फरपुर 24 दिसंबर शुक्रवार

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिक चेतना के शिखर पुरुष थे,अलग अलग विचारधारा वाले दलों को एक साथ लेकर चलने वाले कुशल राजनेता,राष्ट्रीयता से ओतप्रोत,मानवीय संवेदना को समेटे प्रखर वक्ता, कवि,पत्रकार, चिंतक सहित कई गुणों को एकसाथ समेटे भाव में जीनेवाले राजनेता थे।
वहीं भारत रत्न,भारत के इकलौते महामना मदन मोहन मालवीय जी थे। भारत में राष्ट्रवाद, धर्म,कुशल पत्रकार, कुशल अधिवक्ता सहित अन्य रचनात्मक विधाओं को एक साथ जीनेवाले समाज सुधारक मदनमोहन मालवीय जी का अन्य क्षेत्रों के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान रहा है। कांग्रेस का कार्यकर्ता बनकर देश के स्वाधीनता आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले तथा एक से अधिक बार कॉंग्रेस के अध्यक्ष रहे महामना द्वारा ‘काशी हिंदू विश्वविद्यालय’ की स्थापना उनकी जीवटता एवं संकल्प शक्ति के जीते जागते उदाहरण हैं।


दोनों ही शिक्षक रहे हैं।संयोग से दोनों भारत रत्नों का जन्मदिवस भी 25 दिसंबर को ही है।दोनों महापुरुषों के अमिट योगदानों को समाज खासतौर से मुजफ्फरपुर के नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से सांस्कृतिक संगठन संस्कार भारती की ओर स्थानीय रामदयालु सिंह महाविद्यालय में कल 25 दिसंबर शनिवार को जयंती समारोह मनाया जा रहा है।ये बातें शुक्रवार को प्रेस को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के पूर्व नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री सुरेश कुमार शर्मा ने कही।
श्री शर्मा ने कहा कि राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सक्रिय युवाओं एवं विद्यार्थियों को इन जैसे महापुरुषों के जीवन को पढ़ना चाहिए।इससे हमें समाज के नवनिर्माण में सहूलियत होगी।।
25 दिसंबर को आयोजित समारोह की जानकारी देते हुए संस्कार भारती उत्तर बिहार प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजीव शर्मा ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी एवं महामना मदनमोहन मालवीय जी के जयंती समारोह का उद्घाटन सिक्किम के महामहिम राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद जी करेंगे।
समारोह की सबसे विशेषता यह होगी कि स्कूल के छात्र/छात्रा वाजपेयी जी द्वारा लिखित कविताओं का पाठ करेंगे।
दोनों महान व्यक्तियों के व्यक्तित्व एवं योगदानों पर विद्वान शिक्षकों का वक्तव्य होगा।
समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। भवदीय

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.