तेजस्वी यादव कल शाम अपनी पत्नी राजश्री के साथ राबड़ी आवास से चहलकदमी करते हुए सड़क पर निकले। दोनों ने मौजूद लोगों का अभिवादन किया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग यहां इकट्ठे हो गए। 9 दिसंबर को तेजस्वी और राजश्री ने दिल्ली में शादी की थी। उसके बाद 13 दिसंबर को तेजस्वी पटना आए। तब से राबड़ी देवी के सरकारी आवास में रह रहे हैं।
राजश्री ने इस दौरान कुछ लोगों के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। राजश्री ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें लोगों से मिलकर काफी अच्छा लग रहा है।
गिफ्ट के साथ आशीर्वाद देने आ रहे संबंधी
तेजस्वी और राजश्री से मिलने लालू प्रसाद के तमाम सगे-संबंधी गिफ्ट के साथ पहुंच रहे हैं। बुधवार को राजश्री को तेजस्वी ने आवास की गायों, बकरियों से मिलवाया था। राजश्री का पशु प्रेम देखते बना था। राबड़ी देवी के कहने पर तेजस्वी और राजश्री ने गाय को गुड़ खिलाया। माना जाता है कि गाय को गुड़ खिलाना शुभ होता है।

राबड़ी आवास पहुंचे तेज प्रताप यादव।
बड़े मामा-मामी के साथ आशीर्वाद देने पहुंचे तेजप्रताप
गुरुवार को अपने बड़े मामा-मामी के साथ नव दंपती को आशीर्वाद देने तेज प्रताप यादव भी राबड़ी आवास पहुंचे। तेज प्रताप ने परिवार के साथ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। फोटो में तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री के हाथ गिफ्ट भी दिख रहा है। फोटो को शेयर करते हुए तेज प्रताप ने कहा है, ‘पटना आने के बाद पहली बार बड़े मामा-मामी के साथ नव दंपती को आशीर्वाद दिया। खुशियों के इस अथाह सागर में बड़े मामा और मामीजी का आना परिवार की खूबसूरती में चार चांद लगा गया।

बिहारी तौर-तरीकों से किया गया राजश्री का स्वागत।
बिहारी तौर-तरीकों से हुआ था बहू का स्वागत
तेजस्वी यादव ने भले ईसाई धर्म की लड़की रेचल उर्फ राजश्री से शादी की है, लेकिन सोमवार की रात पटना में उनका स्वागत पूरी तरह से बिहारी तौर-तरीकों से किया गया। उनकी सास यानी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने हिन्दू रीति रिवाज से नई बहू का स्वागत किया। गाड़ी में ही बहू की आरती उतारी, उनके माथे पर सिंदूर का टीका किया और फूलों से उनका स्वागत किया।

इससे पहले तेजस्वी यादव ने आते ही उन्होंने दुल्हन के नाम को लेकर चल रहा कन्फ्यूजन क्लियर कर दिया था। बताया था कि उनका नाम रेचल है, लेकिन यहां (बिहार में) उन्हें राजश्री नाम से बुलाएंगे। यह नाम पिता लालू प्रसाद यादव ने ही दिया है।



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