उत्तर बिहार के सबसे बड़े हाॅस्पिटल एसकेएमसीएच समेत सदर अस्पताल में भी ओपीडी में भले ही आंख दिखानेवालाें की संख्या हजाराें में हाे, माेतियाबिंद का ऑपरेशन दाेनाें जगह नहीं हाे रहा। आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंख खराब होने पर मची हड़कंप के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को दाेनाें अस्पतालाें के आई ओपीडी में इलाज कराए मरीजाें का डाटा जारी किया। इसके अनुसार, 2021 के जनवरी से 10 दिसंबर तक आंख के 13 हजार 401 मरीजों ने इन दाेनाें अस्पतालाें में इलाज कराया।
लेकिन, मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, सदर अस्पताल के आंख के चिकित्सकाें ने इस दाैरान 4701 मरीजों का इलाज किया, लेकिन ऑपरेशन नहीं हुआ। उपाधीक्षक डॉ. एनके चौधरी ने सीएस को भेजी रिपोर्ट में कहा, उनके यहां ऑपरेशन थिएटर नहीं है। इससे ऑपरेशन नहीं हुआ।


सदर अस्पताल के पैथोलॉजी जांच घर में 10 दिनों से ऑटो एनालाइजर मशीन खराब, 500 मरीजों की रुकी है जांच
सदर अस्पताल के पैथोलॉजी जांच घर की ऑटो एनालाइजर मशीन 10 दिनों से खराब है। इससे करीब 500 मरीजों की जांच रुकी है और रिपाेर्ट नहीं मिलने के कारण इनका इलाज भी रुका है। एेसे में ये मरीज हर दिन आकर लाैट रहे हैं। बुधवार को भी पैथोलॉजी में मुशहरी के रामनाथ प्रसाद, बोचहां की कौशल्या देवी, अखाड़ाघाट के पवन शर्मा, कांटी के प्रदीप कुमार समेत दो दर्जन से अधिक मरीज-परिजन पहुंचे।
सभी ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें लीवर, किडनी, डायबिटीज, यूरिन जांच लिखी हैं। बाहर जांच के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में मशीन ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। हर दिन दो दिन बाद आने के लिए कहा जा रहा है। कई मरीजों ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके चौधरी के चैंबर में पहुंचकर इसकी शिकायत भी की।

उन्हाेंने आश्वासन दिया कि 4 दिनाें में मशीन ठीक हो जाएगी। पैथोलॉजी जांच केंद्र के कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधक को सूचना दी गई थी कि मशीन खराब हो गई है। इसलिए मरीजों की जांच नहीं हो पाएगी। बावजूद इसके अब तक ठीक नहीं कराई गई।



Leave a Reply