विदेश यात्रा से लौटने वाले बिहार नहीं आए हैं। अब वह देश के अन्य राज्यों में ख’तरा बन सकते हैं। बिहार सरकार को केंद्र से मिली 281 लोगों की सूची में अधिकतर की तलाश नहीं हो पाई है। सूची के साथ जो नंबर दिया गया है वह सही पता नहीं बता रहे हैं। अब ऐसे में संदिग्धों की तलाश बड़ी चुनौती हो गई है। बिहार सरकार की तरफ से अभी ऐसे प्रदेशों को भी सूचना नहीं दी गई है, जहां बिहार से जारी पासपोर्ट वाले लोग रह रहे हैं।
विदेश से लौटे लोगों का नहीं मिलना खतरे की घंटी
बिहार लौटे लोगों की तलाश नहीं हो पाना खतरे की घंटी है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर पूरे विश्व में अलर्ट है। भारत सरकार ने भी राज्यों को अलर्ट कर दिया गया है। इसी क्रम में हाल ही में विदेश यात्रा से भारत के अलग अलग राज्यों में लौटे लोगों की भी सूची संबंधित राज्यों को दी गई है। लेकिन सूची में बड़ी समस्या संबंधित व्यक्ति के उस राज्य में नहीं होने को लेकर है जहां से उसका पासपोर्ट जारी हुआ है।



स्वास्थ्य विभाग भी नहीं जुटा पा रहा जानकारी
केंद्र से बिहार सरकार को जो सूची दी गई है उस हिसाब से बिहार अब तक लोगों की तलाश नहीं कर पाया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि केंद्र से 281 लोगों की सूची आई है इसमें अधिक संख्या में ऐसे लोग है जिनका पासपोर्ट तो बिहार से जारी हुआ है लेकिन वह मौजूदा समय में बिहार में नहीं हैं। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने यह नहीं बताया है कि अब ऐसे लोगों की तलाश कैसे की जाएगी। ऐसे लोगों की सूचना बिहार संबंधित राज्यों को कैसे मुहैया कराएगा, अगर राज्य विदेश से आने वालों से अनजान रहे तो वहां खतरा बढ़ सकता है।

पटना में 50 प्रतिशत का लग सका पता
बिहार में कुल 281 की सूची आई है। इसमें पटना के अब तक 30 लोगों की सूची है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अब तक 11 लोगों का ही पता चल पाया है। सूत्रों की माने तो बाकी लोग बहाना कर रहे हैं। कोई बाहर होने की बात कह रहा है। ऐसे में जांच कैसे हो बड़ा सवाल है।




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