बिहार में भी गोरखधंधा शब्द को बैन करने की मांग उठने लगी है। हरियाणा सरकार ने शब्द पर बैन लगाया है। इसके साथ यूपी में इसे लेकर लगातार मांग उठ रही है। अब बिहार में भी गोरखधंधा शब्द को बैन करने की मांग शुरू हो गई है। नाथ पंथ के अनुयायियों ने उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद से मिलकर अपनी लिखित मांग सौंपी है और इस शब्द पर रोक लगाने की मांग की है।
आम बोलचाल की भाषा में अनैतिक कामों के लिए लोग गोरखधंधा शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में नाथ पंथ के अनुयायियों ने देश के कई राज्यों में इसे लेकर मुहिम छेड़ रखी है। इस मुहिम को सबसे पहली सफलता हरियाणा में मिली है। हरियाणा सरकार ने किसी तरह के गलत काम, ठगी, धोखाधड़ी आदि के लिए गोरखधंधा शब्द इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया है। हरियाणा के बाद यूपी में भी इसे लेकर सरकार ने जल्द बैन लगाने का भरोसा दिया है।

सदन में बिल पास कर इस शब्द पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
नाथ पंथ के अनुयायियों ने बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद से भी मुलाकात की है। उन्होंने सरकार की तरफ गोरखधंधा शब्द के गलत इस्तेमाल पर बैन लगाने को उप मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। नाथ पंथ के लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को भी मांग पत्र सौंपा है। नाथ पंथ के लोगों ने सरकार से सदन में बिल पास कर इस शब्द के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
कई और राज्यों में उठी है बैन करने की मांग
गोरखधंधा शब्द को बैन करने की मांग राजस्थान में भी उठी थी। इसे लेकर वहां प्रदर्शन भी हुए थे। पंथ के लोगों का कहना है कि प्रिंट मीडिया और अन्य मीडिया के साथ ही सरकारी, राजनीतिक क्षेत्र में नकारात्मक तरीके से इस शब्द को इस्तेमाल किया जाता है।

गोरखधंधा शब्द योगी गुरु गोरखनाथ की योग साधना से जुड़ा हुआ शब्द है। योगी गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के प्रसिद्ध योगी थे। गुरु गोरखनाथ ने योग की अलग-अलग कठिन साधनाएं और आसन भी दिए हैं। कठिन साधनाओं को उस समय गोरखधंधा कहा जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल गलत कामों के लिए होने लगा। गुरु गोरखनाथ ने भारत, नेपाल, भूटान, तिब्बत के साथ ही कई देशों में नाथ मठों की स्थापना की थी।



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