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मुजफ्फरपुर : अतिक्रमण का एक्स-रे, कब्जा हटे तो चलने लायक सड़कें हो जाएंगी तिगुनी

शहर की प्रमुख सड़कों पर रोज-रोज हमलोग जो जाम झेल रहे हैं, उसकी वजह सड़क कम चौड़ी हाेना नहीं है। दरअसल दिन चढ़ने के प्रमुख सड़कों का ज्यादातर हिस्सा अतिक्रमणकारियों के कब्जे में आ जाता है। दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार की सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर बाद 1 से 3 बजे के बीच शहर की पांच प्रमुख सड़कों की पड़ताल की।

सबसे पहले सर्वाधिक ट्रैफिक जाम वाले मोतीझील फ्लाईओवर से कल्याणी चौक तक का जायजा लिया। मोतीझील सड़क की चौड़ाई सुबह में मुकम्मल 45 फीट रहती है। क्याेंकि, 45 फीट चाैड़ी सड़क बनाई गई है। इसमें 23 फीट पक्की सड़क है। दोनों तरफ फुटपाथ और 11-11 फीट नाला है। लेकिन, दोपहर में मुश्किल से लाेगाें के चलने के लिए सड़क 13 से 14 फीट बच जाती है। वजह, दुकान के सामन निकाल कर नाला-फुटपाथ पर सजा दिए जाते हैं। फिर बाइक पार्क की जाती है।

मोतीझील : एक ही जगह की तस्वीर से समझें फर्क : सुबह 7.45 बजे की

मोतीझील : एक ही जगह की तस्वीर से समझें फर्क : सुबह 7.45 बजे की

ऐसे ही हालात हैं शहर के दूसरे इलाकों में भी
जीरोमाइल चाैक
यहां 33 फीट पक्की सड़क है। दोनों तरफ 40-42 फीट सरकारी खाली जमीन यानी कुल चौड़ाई करीब 115 फीट। सुबह में यह चौड़ाई दिखती भी है। लेकिन, दोपहर में जीरोमाइल का यह रोड आपके चलने के लिए 14 फीट बच जाता है।

सरैयागंज टावर से अखाड़ाघाट रोड : 45
फीट पक्का रोड है। नाला-फ्लैंक सरकारी जमीन भी है। गिट्टी-बालू की दुकानों का कब्जा है। सुबह 10 बजे बाद 17-18 फीट ही बचता है।

सरैयागंज टावर से पंकज मार्केट
टावर से पंकज मार्केट तक 17 फीट की दाे लेन पक्की सड़क है। नाला-फ्लैंक के साथ कुल 64 फीट। दोपहर में यह सिर्फ 8 फीट बचती है।

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