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मुजफ्फरपुर में फिर नकली श’राब बनाने की थी तैयारी, स्प्रिट माफिया से पूछताछ में खुलासा

मुजफ्फरपुर में जह’रीली शरा’ब से मौ’त के बावजूद नकली श’राब बनाने का धंधा सामने आ रहा है। एक बार फिर मीनापुर में नकली श’राब बनाने की तैयारी थी। जिसे चुनाव के बाद इलाके में सप्लाई करना था, लेकिन पुलिस ने इसका भं’डाफो’ड़ कर दिया था। यह खुलासा अंतर जिला गिरोह के माफिया मधुबनी के झंझारपुर के कमलेश राय ने पूछताछ में हुआ है।

उसकी निशानदेही पर मीनापुर के हरका मनशाही से रजनीश शाही को गिरफ्तार किया गया था। उसके पोल्ट्री फार्म से 200 लीटर कच्चा स्प्रिट, रैपर, ढक्कन और बोतल बरामद किया गया था।

इन दोनों से पूछताछ के आधार पर मोहम्मद शमशाद और मोहम्मद रियाजुद्दीन समेत 7 को दबोचा गया था। पूछताछ में पता लगा कि ये सभी रामबाबू सिंडिकेट से जुड़े हैं। रामबाबू स्प्रिट और शराब का बड़ा कारोबारी है, जो फिलहाल जेल में बंद है।

सूत्रों की मानें तो वह जेल से भी अपने सिंडिकेट का संचालन कर रहा है। उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस जेल में जाकर उससे पूछताछ करने को कवायद में जुट गई है। DSP पूर्वी मनोज पांडेय ने बताया कि सात आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पूरे सिंडिकेट का पता लगाकर कार्रवाई की जा रही है।

बता दें, तीन दिन पूर्व पुलिस ने कमलेश और रजनीश समेत सात माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

पश्चिम बंगाल से लाता है स्प्रिट की खेप

पुलिस पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया था कि पश्चिम बंगाल से ये लोग कच्चा स्प्रिट मंगवाते हैं। फिर इससे नकली शराब तैयार करता है। सिर्फ मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी इसकी सप्लाई की जाती है। बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल के दालकोला के रास्ते पूर्णिया होते हुए मुजफ्फरपुर तक ये स्प्रिट की खेप लेकर आते हैं।

20 माफिया है सिंडिकेट में शामिल

रामबाबू के जेल जाने के बाद से कमलेश राय और रजनीश पूरा सिंडिकेट चला रहा है। इसमें करीब 20 छोटे-बड़े धंधेबाज शामिल हैं। इसमें हिस्ट्रीशीटर सिकंदर और मिथुन समेत अन्य हैं। DSP पूर्वी ने बताया कि सभी की सम्पत्ति का आकलन करने की कवायद शुरू कर दी गई है। शराब के धंधे से अर्जित सम्पत्ति का पता लगाकर जब्ती की कार्रवाई भी होगी।

रामबाबू को सेल में रखने की तैयारी

शराब मामले में रामबाबू का नाम आने के बाद उसे जेल के अंदर सेल में रखने की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो उसकी गतिविधि जेल के अंदर भी संदिग्ध पाई गई है। इसे देखते हुए सेल में रखने की कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुजफ्फरपुर में अब तक 20 की मौत

बता दें, मुजफ्फरपुर में अब तक जहरीली शराब पीने से आधिकारिक तौर पर 22 लोगों की मौतें हुई है। इसमें कटरा में पांच, मनियारी में पांच, कांटी में छह और सरैया में छह लोगों की मौत हुई थी। जबकि, बोचहां, सकरा और तुर्की में भी पांच लोगों की संदिग्ध मौत हुई थी, लेकिन इनके परिजनों ने शराब पीने की बात से इनकार कर दिया था।

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