समस्तीपुर के किसान अपनी ही फसलों को खुद जमींदोज कर रहे हैं। वजह है कि ये फसलें अभी सही तरह से तैयार भी नहीं हुई हैं और खेतों में पानी जम जाने से बर्बाद हो गई हैं। ऊपर से रबी फसलों का मौसम भी आ रहा है, जिनसे किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीदें हैं। इसलिए अब किसान खुद रोटावेटर की मदद से अधपकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल में कमरांव, मालपुर, गोसपुर, बसढ़िया, पांड, जलालपुर आदि गांवों के किसान पानी की वजह से बर्बाद हुई सब्जी की फसलों को जमींदोज करते हुए नई फसल की बुआई में जुट गए हैं। बर्बाद होने वाली फसलों में अधिकतर सब्जियां हैं। इनमें परवल, ओल, बैगन, कद्दू, सिम और भिंडी शामिल हैं।


बर्बाद होने वाली फसलों में अधिकतर सब्जियां हैं।
इलाके के किसान मो सफदर सोहैल, मुनेश्वर महतो का कहना है कि अप्रैल व मई में परवल, ओल, बैगन, कद्दू, सिम, भिंडी आदि सब्जी की फसलें लगाई गई, लेकिन भारी बारिश व पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से खेत में पानी का जमाव हो गया। इस वजह से फसलें सूखने लगी। लगभग 80 से 90 लाख रुपए का नुकसान किसानों को हुआ है। हम सभी रबी फसल के लिए पुराने फसल को नष्ट कर रहे हैं। यही समस्या बसढ़िया, कमरांव, पांड, बुलाकीपुर, मालपुर, चकबहाउद्दीन, मोख्तियारपुर, सलखन्नी चौर आदि गांवों के किसानों की भी है।
इन इलाकों के किसान मंटू सिंह, छोटू महतो, राम उदगार सिंह, दिनेश राय, पंकज कुमार, संजय कुमार महतो, पुंजय कुमार उर्फ बबलू के अनुसार सरकार को जल्द से जल्द खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करानी चाहिए। नहीं तो फरवरी में आने वाली मटर, पीला मक्का, टमाटर, बैगन, प्याज, भिंडी, करैला, परवल आदि सब्जी की फसलें भी प्रभावित होंगी।



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