गायघाट में अस्ताचलगामी सूर्य को दिया पहला अर्घ्य, बीडीओ और थानाध्यक्ष ने लिया जायजा
Repoted by Deepak
लोक आस्था का महा पर्व छठ पूजा को लेकर बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए गांव के नदी घाटों पर श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान व्रतियों ने भगवान भास्कर को संध्या अर्घ्य देकर संतान की मंगल कामना की। वहीं, महिलाओं द्वारा गाए जा रहे छठ गीतों से सभी नदी घाट गूंजते रहे। मानगो के सुवर्णरेखा नदी एवं पोखर घाट पर बड़ी संख्या में छठ व्रती अपने परिवार के साथ पहुंचे। इसके साथ ही शिवदाहा, बरूआरी, कमरथु, लोमा, बेनीबाद, गायघाट के घाट पर श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य दिया। इन जगहों पर थोड़ा ठंड के बावजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला। वहीं, गुरूवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ व्रत का समापन होगा।


अर्घ्य के दौरान व्रतियों द्वारा गाए गए केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय…, कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए…, सेविले चरण तोहार हे छठी मइया, महिमा तोहर अपार…, उगु सुरुज देव भइलो अरग के बेर… आदि गीतों से नदी घाट गूंजते रहे।कार्तिक छठ व्रत पर लोगों के सहयोग के लिए दर्जनो से अधिक पूजा कमिटी का सराहनीय प्रयास रहा। बरैल पोखर में बनाएं गए सूर्य मंदिर की भव्य विद्युत सज्जा की गई थी। गुरूवार की सुबह व्रतियों के लिए गाय का दूध, दातुन और चाय-पानी की व्यवस्था की गई है। दूसरी तरफ शिवदाहा पोखर घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नदी घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। वहीं दोपहर बाद से ही भीड़ उमड़ने लगी थी। गीत गाते व्रती घाट पर पहुंचीं।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बीडीओ डां विमल कुमार और थानाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जगह जगह निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।





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