बोधगया की दीवारों पर दो धर्मों के आराध्य से जुड़े तथ्य मिथिला पेंटिंग के सहारे उकेरे जा रहे हैं। एक ओर तथागत जीवन दर्शन से जुड़ी पेंटिंग तो दूसरी ओर दीवार पर भगवान जगन्नाथ की महिला व लीला से जुड़ी पेंटिंग होगी। मसलन अब ज्ञान नगरी आने वाले श्रद्धालु और सैलानी भगवान बुद्ध व जगन्नाथ का दीदार पेंटिंग के जरिए भी कर सकेंगे। इस काम में मधुबनी आर्ट से जुड़े कलाकारों की कूचियां दीवारों पर अब दौड़ने भी लगी हैं।
इसके अलावा दीवारों पर स्वच्छता से जुड़े कुछ अहम पहलुओं की पेंटिंग भी उकेरी जा रही है। ताकि बोधगया को साफ सुथरा रखने का संदेश इन कुछ पेंटिंग के माध्यम से भी दिया जा सके। फिलहाल पेंटिंग का काम तिब्बत मॉनेस्ट्री की दीवार पर किया जा रहा है।


महाबोधि मंदिर व जगन्नाथ मंदिर की दीवारों का लंबे समय से उपयोग नहीं हो पा रहा था। साथ ही लोग इन दीवारों की आड़ में गंदगी को बढ़ावा देने में जुटे थे। दोनों धर्मों के अराध्यों की दीवारों के किनारे पसरने वाली गंदगी बोधगया की छवि को चोट पहुंचा रही थी।
ऐसे में बीटीएमसी व बोधगया नगर परिषद ने तय किया कि दीवारों का सही उपयोग किया जा सके ताकि गंदगी न फैलाई जाए। मधुबनी से आए मिथिला आर्ट से जुड़े कलाकारों ने बताया कि भगवान बुद्ध के बचपन से लेकर महापरिनिर्वाण तक की जीवंत कलाकृति उकेरी जाएंगी।

वहीं कलाकारों की दूसरी टीम बोधगया सीएचसी परिसर के निकट चहारदीवारी पर भगवान जगन्नाथ की पेंटिग करने में जुट गई है। यहां भी भगवान जगन्नाथ से जुड़े तथ्य उकेरे जाएंगे। पेंटिंग में वाटर कलर, पेंट, फेरकर कलर का प्रयोग किया जा रहा है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि बीटीएमसी के पास ही चहारदीवारी पर बोधगया में निर्मित विभिन्न देशाों के बौद्धमठों की कलाकृति बनाई जाएगी। ताकि देश- विदेश से आनेवाले श्रद्धालु व पर्यटकों को एक ही जगह सभी बौद्धमठों की जानकारी मिल सके।




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