इस बार छठ महापर्व पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। 24 घंटे से कम समय में ही सोमवार को छठ महापर्व का शुभारंभ हो जाएगा लेकिन अब तक पटना के खतरनाक घाटों की सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा है। पटना के कमिश्नर ने आदेश दिया था कि घाटों को दो दिनों के अंदर तैयार कर लिया जाए लेकिन रविवार तक तैयारी पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को खुद से सुरक्षा का ध्यान रखना होगा नहीं तो मुश्किल बढ़ जाएगी।
सोमवार से शुरु हो रहा महापर्व
सोमवार 8 नवंबर को नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ हो रहा है। 9 नवंबर मंगलवार को खरना है और 10 नंवबर बुधवार को छठ पूजा है। इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा तथा 11 नवंबर की पूजा पर गुरुवार की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा समापन होगा। इस महापर्व को लेकर पटना में प्रशासन की तैयारी की पोल खुल रही है। घाटों को लेकर सुरक्षा के लिहाज से हर साल खतरनाक घाटों की सूची जारी करनी थी लेकिन इस बार अब तक प्रशासन सूची तक नहीं जारी कर पाया है।

कमिश्नर ने दिया था दो दिन का मौका
प्रमंडलीय आयुक्त पटना संजय कुमार अग्रवाल ने प्रमंडल के सभी जिलों के डीएम, एसएसपी, एसपी, नगर आयुक्त सहित कई उच्चाधिकारियों के साथ छठ घाटों की तैयारी को लेकर बैठक की थी। घाटों और संपर्क मार्ग को लेकर चल रहे काम की प्रगति की समीक्षा में आदेश दिया था कि मिशन मोड में काम कराया जाए। इसके लिए 2 दिनों का समय दिया गया था। एनडीआरएफ एसडीआरएफ की तैनाती, घाटों पर बिजली की व्यवस्था, खतरनाक घाट की व्यवस्था, घाटों पर मेडिकल टीम की तैनाती सहित 6 प्वाइंट पर तैयारी का आदेश था लेकिन रविवार तक घाट तैयार नहीं हो पाए।

खतराक घाटों पर बड़ा खतरा
घाटों पर इस बार खतरा अधिक है। खतरनाक घाटों का समय पर चिन्हित नहीं होने से समस्या है। बिजली की व्यवस्था को लेकर विभाग के SE, EE, AE और JE को आदेश दिया गया है। जिला प्रशासन, निगम, विभाग स्तर पर मॉनिटरिंग कर काम पूरा कराएंगे। बिजली की आपूर्ति 8 नवंबर तक सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया था लेकिन सभी घाटों पर तैयारी पूरी नहीं हो पाई है। बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश है। किसी भी घाट पर बिजली ट्रिप नहीं करें और न हीं कटे, इसकी मॉनिटरिंग को लेकर अलर्ट किया गया है।

CS को टीम गठित कर मेडिकल कैंप लगाने का निर्देश।
घाटों पर टेस्टिंग और टीकाकरण की व्यवस्था को लेकर पटना के आयुक्त ने आदेश दिया है इसके बाद भी अब तक टीम नहीं बन पाई है। सिविल सर्जन को मेडिकल टीम बनाकर घाटों पर तैनात करने का निर्देश दिया गया था। टीम के साथ जीवन रक्षक दवा और एंबुलेंस की व्यवस्था का निर्देश है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए भी निकटवर्ती अस्पतालों को खुला रखने तथा डॉक्टर एवं कर्मी की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। कोविड के खतरे काे लेकर घाटों पर कोविड की टेस्टिंग और वैक्सीनेशन की व्यवस्था करने का निर्देश है। सिविल सर्जन को संबंधित डॉक्टर एवं कर्मियों के साथ बैठक करने और घाटों पर व्यवस्था का निर्देश है। घाटों पर कोविड मानक का पालन करने संबंधी साइनेज लगाने का निर्देश दिया गया है।




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