माघ मास का दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्राति श्रद्धा व उल्लास के साथ मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में मनाया जा रहा। यूं तो अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह किसी भी रूप में कम नहीं दिख रहा। सुबह ही स्नान करने के बाद मंदिर में पूजा अर्चना की और चूड़ा दही का भोजन किया। कुछ लोगों ने पास के जलाशयों में भी स्नान किया। इसके बाद तिल, खिचड़ी, अन्न, द्रव्य आदि दान किया। मान्यता है कि इस दिन भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करने से वे सुख-समृद्धि देते हैं। अब युवा पतंगबाजी में लगे हैं। पंडितों के मुताबिक़ इस दिन सूर्य देव धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसके साथ ही खरमास खत्म हो जाता है। जगदंबा नगर, बैरिया के आचार्य अभिनव पाठक बताते हैं कि मकर संक्राति पर शोभन योग का विशेष संयोग है।

इस अवसर पर सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए लोग दानादि कर रहे हैं। कहते हैं कि इस दिन दान देने से अक्षयफल प्राप्त होता है।रामदयालु स्थित मा मनोकामना देवी मंदिर के पुजारी पंडित रमेश मिश्र के अनुसार बुधवार को मकर राशि की संक्राति सुबह करीब आठ बजे से शुरू हो गई है। यह शुभ मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक है। इस दिन शोभन योग, स्थिर योग के साथ गुरु व मंगल स्वराशि में रहेंगे। साथ ही बुधादित्य योग फलदायी रहेगा। चकबासु के राजेश उफऱ् मुन्ना शास्त्री के अनुसार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से धन्य-धान्य में वृद्धि होगी। इस दिन गंगा स्नान से अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिल जाती है। खरमास का समापन सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही 16 दिसंबर 2019 से चले आ रहे खरमास का समापन हो जाएगा। अब शादी-विवाह समेत मागलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।





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