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मुजफ्फरपुर: मीटर की सील तोड़कर बिजली बिल डाउन करने का चल रहा धंधा, पुलिस पर उठ रहे ये सवाल

बिजली विभाग की निजी एजेंसी के कर्मी शहर में मीटर डाउन करने का खेल कर रहे हैं। सहायक अभियंता की जांच में माड़ीपुर में यह गड़बड़ी सामने आयी है। इसके बाद विद्युत कार्यपालक अभियंता शहरी-1 राजू कुमार ने एफआईआर का निर्देश दिया है। विभाग का मीटर डाउन कर रहे गिरोह के खिलाफ पुलिस एफआईआर नहीं ले रही है। 6 सितंबर को ही एफआईआर के लिए काजी मोहम्मदपुर थाने में पत्र भेजा गया। थाने में पत्र दबा पड़ा है। यह स्थिति तब है जब विभाग को आशंका है कि शहर में बड़े पैमाने पर ऐसा खेल हो रहा है। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि निजी एजेंसी के मीटर रीडर सोनू कुमार को मीटर डाउन करने के खेल में संलिप्त पाया गया है। उसे तत्काल कार्य से हटा दिया गया है। माड़ीपुर के में जिस उपभोक्ता का मीटर डाउन मिला था, उसे भी आरोपी मानकर कार्रवाई की जा रही है। सिकंदरपुर इलाके में भी मीटर डाउन करने की शिकायत है। जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। पिछले साल भी यह मामला सामने आया था, तब मिठनपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी

छेड़छाड़ कर 12612 रुपये का लगाया चूना

नमूना जांच में माड़ीपुर इलाके के एक उपभोक्ता के बिजली मीटर (मीटर संख्या- 402207) की जांच कराई गई। इसमें मीटर के बॉक्स व टर्मिनल का सील टूटा हुआ पाया गया। उपभोक्ता के नए-पुराने मीटर रीडिंग की मिलान कराई गई तो स्पष्ट हो गया कि आरोपित मीटर रीडर की ही करतूत है। वास्तविक मीटर मान पठन पर बिल नहीं जारी कर, गलत रीडिंग पर बिल जारी किया गया है। महज एक मीटर की जांच में 12,612 रुपये राजस्व हानि का मामला मिला।

कहते हैं डीएसपी

“थाने में एफआईआर के लिए जो भी पत्र प्राप्त होता है उस पर हर हाल में एफआईआर की जाती है। मीटर डाउन कर बिजली बिल कम करने के मामले में एफआईआर क्यों नहीं हुई, इसकी जांच की जाएगी। थाने में पत्र कहां दब गया, पता लगाया जाएगा।” – रामनरेश पासवान, नगर डीएसपी

कंपनी की छवि धूमिल होने का दावा

बिजली मीटर रीडिंग कार्य से जुड़ी जयपुर की कंपनी के प्रमंडलीय प्रबंधक अभिषेक कुमार ने काजी मोहम्मदपुर थाने में भेजे पत्र में कहा है कि मीटर रीडर की करतूत से कंपनी की छवि धूमिल हुई है। हांलाकि निजी कंपनी ने आरोपित मीटर रीडर को पुलिस को नहीं सौंपा है।

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