मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब कांड से पांच की मौत में जांच दर जांच परत खुलते जा रहे हैं। पुलिस की जांच में पता लगा कि पश्चिम बंगाल से होमियोपैथी दवा और मिथाइल अल्कोहल मंगाई गई थी। इसे सरैया के संतोष ने मंगवाया था। उसने रैपर, ढक्कन और शराब की खाली बोतल भी खरीदी थी। फिर इसे अपने घर मे ही तैयार किया था। शराब बनने के बाद इसे एक PDS दुकानदार ने खरीदा था। जिसे उस रात पार्टी में सप्लाई किया था। इसका सेवन करने से आधिकारिक तौर पर पांच लोगों की मौत हुई थी। जबकि छह की मौत की इलाके में चर्चा है। लेकिन, छठे मृतक के परिजन बीमारी से मौत होना बताया रहे थे। पुलिस ने भी पांच लोगों का पोस्टमार्टम करवाया था। इसका बेसरा भी जांच के लिये सुरक्षित रखा गया है। ताकि बेसरा जांच में स्पष्ट हो सके कि इन लोगों ने असल मे किस पदार्थ का सेवन किया था या शराब में क्या मिलाया गया था। अब तक कि जांच में होमियोपैथी दवा और मिथाइल अल्कोहल होने की बात आई है। FSL रिपोर्ट आने पर पूरी सच्चाई सामने आएगी।
सकरा में दो की मौत पर रहस्य बरकरार
सकरा थाना के बाजी राउत में अशोक पंडित और टुनटुन पंडित की मौत में अब भी रहस्य बरकरार है। परिजन मुंह खोलने से इंकार कर रहे हैं। पुलिस की तमाम कोशिशों और दवाब के बावजूद भी वे लोग बीमारी से ही मरने की बात बोल रहे हैं। जबकि गांव में चारों तरफ जहरीली शराब के सेवन से मौत की चर्चा दो दिन से हो रही है। इस सम्बंध में बरियारपुर ओपी प्रभारी रवि प्रकाश ने कहा की पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।


PDS दुकानदार की तलाश में छापेमारी
शराब की सप्लाई करने वाले PDS दुकानदार को पुलिस और ALTF की टीम खोज रही है। कहा जा रहा है की वह जिले से बाहर फरार हो गया है। मोतिहारी और बॉर्डर इलाके में उसके छिपे होने की सूचना पर छापेमारी भी की गई। लेकिन, उसका सुराग अब तक नहीं मिला है। SSP जयंतकांत ने कहा की आरोपियों को शीघ्र दबोच लिया जाएगा। पुलिस त्वरित गति से कार्रवाई कर रही है।

BJP सांसद ने कई बार शराबबंदी पर उठा चुके सवाल
BJP सांसद अजय निषाद शराबबंदी को लेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं। जहरीली शराब से मौत के बाद एक बार उन्होंने सिस्टम पर निशाना साधा है। पूर्ण शराबबंदी को असफल बताया है।उन्होंने कहा कि सरकार को इस को लेकर ध्यान देना चाहिए क्योंकि सरकार की जो शराबबंदी को रोकने के लिए प्रक्रिया है वह सही नहीं है। उसे ठीक करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जितनी शराब और जितने लोगों को पुलिस पकड़ती है उससे ज्यादा नए लोग इस कारोबार में आ जाते हैं। बिहार पुलिस के भरोसे सिर्फ नहीं रहना चाहिए। इसमें सभी को सहयोग करने की आवश्यकता है।




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