दिल्ली सरकार ने दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा करने पर पाबंदी लगा दी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्णय को लेकर पूरे देश भर में राजनीति तेज हो गई है। खास तौर पर बिहार में इसका खासा असर पड़ा है। बिहार के BJP नेताओं ने एक सुर से इसका विरोध किया। BJP सांसद मनोज तिवारी, BJP विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल ने केजरीवाल सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। ठाकुर ने कहा अरविंद केजरीवाल किसी को भी छठ करने से नहीं रोक सकते हैं। छठ बिहार और पूरे पूर्वांचल के लोगों के आस्था से जुड़ा हुआ त्योहार है। दिल्ली में जितने भी पूर्वांचली और बिहारी रहते हैं वह यमुना नदी के किनारे छठ करेंगे ।
बचोल बोले- केजरीवाल आस्था से खेलते हैं
BJP नेता बचोल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पहले अयोध्या राम मंदिर को लेकर कहते थे कि जो मंदिर टूट गया है वहां पूजा नहीं करना चाहिए, भगवान वहां नहीं होते हैं। लेकिन, अयोध्या जाकर 2 दिन तक उन्होंने पूजा-अर्चना की। अरविंद केजरीवाल जैसे लोग लोगों की आस्था से खेलते हैं। लेकिन पूरे पूर्वांचल के लोग आस्था के प्रतीक छठ को यमुना किनारे मनाएंगे। उन्हें कोई नहीं रोक सकता है।

सांसद मनोज तिवारी ने भी किया विरोध
दिल्ली सरकार के इस निर्णय के बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली के BJP सांसद मनोज तिवारी ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने साफ कहा है कि यह पूर्वांचल के धार्मिक आस्थाओं के साथ खेल हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि आज मैं यह जानकर हैरान हूं कि दिल्ली सरकार ने यमुना के तट पर छठ उत्सव पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है। ये पूर्वांचल के लोगों की धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास है। अरविंद केजरीवाल की हिंदू विरोधी नीति बेनकाब हो रही है। हम पूर्वांचली इसे स्वीकार नहीं करते हैं। वहीं पश्चिमी दिल्ली के सांसद परवेश साहिब सिंह ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि छठ पूर्वांचल के भाइयों और बहनों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। उस पर प्रतिबंध लगाना उनकी मान्यताओं के साथ खेलने जैसा है। उन्होंने लिखा है कि केजरीवाल जी मैं खुद यमुना में जाऊंगा और सुनिश्चित करूंगा कि छठ पूजा वहां हो, अगर आप मुझे रोक सके तो रोक लीजिए।
दरअसल, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक आदेश जारी करते हुए यमुना नदी के किनारे को छोड़कर दिल्ली में कुछ स्थानों पर ही छठ पूजा की अनुमति दी है। प्राधिकरण के मुताबिक श्रद्धालु पूजा करने और पूजन सामग्री को प्रवाहित केवल चिन्हित स्थानों पर ही कर सकेंगे। यमुना नदी में किसी भी प्रकार का सामान प्रवाहित करने का पर प्रतिबंध रहेगा। यमुना नदी किनारे छठ नहीं करने का निर्देश जारी किया गया है।



Leave a Reply